हर घर में हैं माइनर साइकोलॉजिकल इश्यू
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की काउंसलिंग के दौरान मिलने वाले फीडबैक से पता चलता है कि हर घर में माइनर साइकोलॉजिकल इश्यू है। स्थिति गंभीर होने के बाद ऐसे लोगों को अस्पताल आने की जरूरत पड़ती है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में 13 फीसदी लोगों में मरोरोग की समस्या है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि यह वह लोग हैं जो अस्पताल तक पहुंचे हैं, जबकि बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की है जो लक्षणों को सामान्य मानकर अस्पताल ही नहीं जाते।
प्रदूषण के कारण बदलाव
- महिलाओं में- माहवारी में बदलाव
- पुरुषों में- तनाव
यह कारण बढ़ाते हैं समस्या
- नशा
- मोटापा
- नींद कम होना
- वातावरण में बदलाव
- तनाव
- सामाजिक जुड़ाव का अभाव
ऐसे कम कर सकते हैं समस्या
- अच्छा व पौष्टिक भोजन
- सामाजिक जुड़ाव बढ़ाकर
- बच्चों पर ध्यान देकर
- प्राकृतिक वातावरण
जागरूकता घटाएगी समस्या
द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित ने बताया कि लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाने के लिए शिक्षित करना आवश्यक है। हमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्टिग्मा को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। इसमें जागरूकता अहम भूमिका निभा सकता है। यदि लोग लक्षण दिखने पर उपचार करवाए तो समस्याओं को रोका जा सकता है।