नवंबर के बाद दिसंबर में दोबारा दिल्ली-एनसीआर की हवा गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता पर पल-पल निगरानी रखने वाले सेंट्रल कंट्रोल रूम की जानकारी इस ओर स्पष्ट इशारा कर रहा है।
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वहीं यूपी और हरियाणा के प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता या तो गंभीर श्रेणी में हैं या दहलीज पर पहुंच चुकी है। मौसम विभाग बुधवार को दिल्ली में हल्की बारिश की भविष्यवाणी कर रहा है। यदि बारिश हुई तो शायद वायु गुणवत्ता सुधरे और यदि नहीं हुई तो धुंध की वजह से वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में बहुत खराब वायु गुणवत्ता के मद्देनजर उठाए जाने वाले कदम ही लागू हैं। फिहलाल वाहनों, निर्माण कार्य, औद्योगिक ईकाइयों पर किसी तरह की रोक नहीं है।
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पांच गुना ज्यादा रिकॉर्ड हुआ खतरनाक पीएम 2.5
pollution in delhi
- फोटो : हिमांशु सोनी
सेंट्रल कंट्रोल रूम के ग्रैप लाइव चार्ट के मुताबिक शाम सात बजे दिल्ली-एनसीआर में पर्टिकुलेट मैटर 10 अपने सामान्य मानक (100) से करीब पांच गुना 448 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया।
जबकि हवा में मौजूद खतरनाक बारीक कण पर्टिकुलेट मैटर 2.5 अपने सामान्य मानक (60) से करीब पांच गुना 272 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। हवा की गुणवत्ता श्रेणी आपात तब मानी जाएगी जब पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर लगातार 48 घंटे रिकॉर्ड किया जाएगा।
बीते 24 घंटे का एक्यूआई : यूपी के पांच शहर की हवा गंभीर स्थिति में
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- फोटो : हिमांशु सोनी
दिल्ली में रविवार को औसत एक्यूआई 351 (बहुत खराब) रिकॉर्ड किया गया था। वहीं सोमवार को शाम 4 बजे सीपीसीबी की ओर से जारी एक्यूआई लिस्ट में दिल्ली का औसत एक्यूआई 390 (बहुत खराब) गंभीर श्रेणी के करीब पहुंच गया है।
इसके अलावा यूपी में आगरा, कानपुर, मुरादाबाद, नोएडा, गाजियाबाद की एक्यूाई यानी हवा गंभीर श्रेणी (401 से अधिक) में पहुंच गई है। लखनऊ और वाराणसी भी बहुत खराब श्रेणी में मौजूद है। हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में हवा बहुत खराब श्रेणी में मौजूद है।
बहुत खराब और गंभीर स्तर की वायु गुणवत्ता आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग (सफर) के मुताबिक दिल्ली में अगले तीन दिन प्रदूषण की ऐसी ही स्थिति रहेगी।
वायु गुणवत्ता श्रेणी और स्वास्थ्य पर प्रभाव: स्रोत सीपीसीबी
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- फोटो : हिमांशु सोनी
खराब: लंबे समय तक संपर्क में रहने से सांस लेने में परेशानी
बहुत खराब: लंबे समय तक संपर्क से श्वसन तंत्र में बीमारी का खतरा
गंभीर : सेहतमंद लोगों को भी परेशानी, श्वास संबंधी बीमार लोगों को अत्यधिक खतरा
नोट : सीपीसीबी के यह आंकड़े शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटे का हाल बताते हैं। गंभीर वायु गुणवत्ता सूचकांक 401-500 का अंक दर्शाती है। जबकि 301-400 का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी को दर्शाता है। इससे नीचे यानी 101 से 200 का सूचकांक खराब हवा का सूचक है।