यह सुनने में अटपटा जरूर लगता है लेकिन एम्स के चिकित्सकों ने अध्ययन कर यह साबित कर दिया है कि दिल्ली में प्रदूषण से जोड़ों का दर्द बढ़ रहा है।
वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से ऐसे मरीजों की तकलीफ और बढ़ जाती है। अध्ययन में सामने आया कि दक्षिण दिल्ली की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। महिलाओं को यह बीमारी ज्यादा होती है।
एम्स के रिय्मोटोलॉजी विभाग की ओर से कराए गए इस अध्ययन को शुक्रवार को जारी किया गया। अध्ययन अब अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की रिय्मोटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार ने बताया कि एम्स में इस बीमारी के इलाज के लिए आने वाले मरीजों का पांच वर्षों तक अध्ययन किया गया।