फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pollution In Yamuna: यमुना की सफाई के लिए बवाना में डलेगी सीवर लाइन, दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी

Tue, 14 Feb 2023 04:52 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने और बेहतर सीवरेज प्रबंधन की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी के तहत बवाना की दो अनधिकृत कॉलोनियों और एक गांव (जाट खोर) में 14 किमी लंबी सीवर लाइन डाली जाएगी।
विज्ञापन
यमुना नदी(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली सरकार ने बेहतर सीवरेज प्रबंधन और वर्ष 2025 तक यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सीवर नेटवर्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कड़ी में बवाना क्षेत्र के गांवों व काॅलोनियों को भी सीवर नेेटवर्क से जोड़ा जाएगा। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बवाना की दो अनधिकृत कॉलोनियों और एक गांव (जाट खोर) में सीवर लाइन बिछाने और 4824 घरों को मुफ्त सीवर कनेक्शन देने की परियोजना को मंजूरी दी है। साथ ही एक एमएलडी क्षमता वाले डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और तीन एमएलडी क्षमता वाले सीवर पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) का निर्माण किया जाएगा। 68 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से करीब 20 हजार लोगों को फायदा होगा।

विज्ञापन


उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने और बेहतर सीवरेज प्रबंधन की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी के तहत बवाना की दो अनधिकृत कॉलोनियों और एक गांव (जाट खोर) में 14 किमी लंबी सीवर लाइन डाली जाएगी। यहां सीवरेज सिस्टम न होने से स्थानीय तालाब, सेप्टिक टैंक या बरसाती नालों में सीवेज छोड़ा जाता है और नाले से यमुना में गिरता है। इस कारण नदी के प्रदूषण स्तर में वृद्धि होती है। लिहाजा इस जल प्रदूषणकारी तत्वों को कम करने के लिए हर घर को सीवेज से जोड़ने का निर्णय लिया है। यहां से निकलने वाला सीवरेज सीवर लाइनों के माध्यम से नजदीकी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा, जिसके बाद शोधित पानी यमुना में बहेगा।

उन्होंने बताया कि जल बोर्ड सीवर के पानी को पंप कर एसटीपी तक पहुंचाने के लिए बवाना में तीन एमएलडी क्षमता वाले सीवर पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) का निर्माण करेगा। जिन घरों की सीवर लाइन जुड़ी होगी, वहां से पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) अहम भूमिका निभाएगा। एसपीएस में मोटर पंप के माध्यम सीवर को एसटीपी तक भेजा जाता है। इसके अलावा बवाना में एक एमएलडी क्षमता वाले डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डी-एसटीपी) का भी निर्माण किया जाएगा। डी-एसटीपी से रीसाइकल्ड पानी का इस्तेमाल पार्कों और भूजल को रिचार्ज करने के लिए किया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें