एक दिन पहले गंभीर श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा में मंगलवार को 17 अंकों की गिरावट के साथ सुधार हुआ और हवा का स्तर गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि, दिल्ली- एनसीआर में शामिल गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा की हवा ने दूसरे दिन भी गंभीर श्रेणी का दामन थामे रखा और लोग दमघोंटू हवा में सांस लेने के लिए मजबूर रहे।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 389 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 400, रविवार को 389, शनिवार को 404, शुक्रवार को 348, बुधवार को 373, मंगलवार को 367 और सोमवार को 318 रहा था।
सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 211 घटनाएं दर्ज की गई। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 के प्रदूषण में न के बराबर हिस्सेदारी रही। इससे एक दिन पहले 239 पराली जलाने की घटनाओं के साथ यह 5 फीसदी रही थी।
प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम10 और पीएम 2.5 के स्तर में भी कमी आई है। इस कड़ी में पीएम 10 का स्तर 341 और पीएम 2.5 का स्तर 207 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के साथ बहुत खराब श्रेणी में रहा। इससे एक दिन पहले पीएम 10 का स्तर 378 और पीएम 2.5 का स्तर 219 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा था। रविवार को पीएम 10 का स्तर 332 और पीएम 2.5 का स्तर 201 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था।
सफर के अनुसार, मौसमी परिस्थितियों में बदलाव होने की वजह से प्रदूषण के स्तर में उतार चढ़ाव आ रहा है। फिलहाल, हवाओं का रुख उत्तर- पश्चिम दिशा की ओर बना हुआ है और हवा की चाल भी माध्यम बनी हुई है। इस वजह से प्रदूषण का स्तर में अधिक गिरावट नहीं आ रही है।
हालांकि, आगामी 2 दिनों के भीतर हवा की रफ्तार बढ़ने की वजह से प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में मध्यम स्तर तक पहुंचने की संभावना है। मंगलवार को भी दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण का असर देखने को मिला। हालांकि, दोपहर में आसमान साफ होने की वजह से हल्का सुधार दर्ज किया गया।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
फरीदाबाद 382
गाजियाबाद 424
ग्रेटर नोएडा 405
नोएडा 407
गुरुग्राम 347