हवा की चाल थमने और बादल छाए रहने के कारण हरियाणा सहित दिल्ली-एनसीआर में लोगों की सांसों पर फिर आफत आ गई है। स्मॉग की चादर घनी हो जाने से बुधवार को दिन भर हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर बनी रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने वीरवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर को भी पार कर जाने का अंदेशा जताया है। उधर, फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम, पानीपत और झज्जर जिलों में 14-15 नवंबर को कक्षा 12 तक के सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे।
हरियाणा के 12 शहरों का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 400 या इससे अधिक पहुंच गया है। वहीं, बुधवार दोपहर तक नौ शहर गैस चैंबर बने रहे। हिसार, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, ग्रुरुग्राम, जींद, मानेसर, पलवल और पानीपत का एक्यूआई 500 या इसके अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश में हिसार सबसे अधिक प्रदूषित शहर रहा।
मंगलवार रात 12 बजे से बुधवार दोपहर तीन बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 से नीचे नहीं आया। एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहर नोएडा रहा। वहीं, दिल्ली समेत एनसीआर के दूसरे शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के आसपास रहा।
धुंध और धुएं की छाई चादर
दिवाली से धुंध और धुएं की जुगलबंदी ने प्रदेशवासियों का सांस लेना मुश्किल कर रखा है। हालांकि पिछले दिनों कुछ राहत मिली थी, लेकिन वातावरण में धूल और धुएं की चादर फिर छा गई। इससे लोगों का दम घुटने लगा है, वहीं आंखों में भी जलन हो रही है। मौसम में नमी के कारण स्थिति अधिक खराब हुई है। इस कारण दृश्यता भी बेहद कम हो गई है।
दो दिन और होंगे मुश्किल
पूर्वी हवाएं चलने से वातावरण में नमी बढ़ गई थी। इससे पराली के धुएं के साथ गाड़ियों, कारखानों और अन्य तरह का प्रदूषण नमी के साथ मिल गया और स्मॉग बन गया। अगले दो दिन इसका समाधान आसान नहीं लग रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दो दिन बादल छाए रहेंगे।
16 नवंबर को मिल सकती राहत
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाएं चलेंगी। इस तरह 16 नवंबर को प्रदूषण से राहत मिल सकती है।
यह बोले विशेषज्ञ
अगले दो दिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे प्रदेश में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की गति से हवाएं चलने के साथ पश्चिमी हरियाणा खासकर सिरसा में हल्की बारिश होने की संभावना है। दो दिन में पश्चिमी विक्षोभ के चले जाने के बाद हवाएं चलेंगी और बादल के छंट जाएंगे। इसके बाद ही प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. मदन खिचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, हकृवि हिसार