आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीलिंग का मामला अदालत में लंबित होने का हवाला देते हुए अनशन पर जाने से इनकार कर दिया है। लेकिन आप ने कारोबारियों की परेशानी का ठीकरा भाजपा व केंद्र सरकार पर फोड़ा है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा शासित एमसीडी व डीडीए की नाकामियों की वजह से सीलिंग की नौबत दिल्ली में आई है।
पार्टी की केंद्र सरकार से अपील है कि वह दिल्लीवालों को सीलिंग से निजात दिलाने के लिए उपयुक्त कदम उठाए। आप नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार को ऐसा कानून लाना चाहिए, जिससे कारोबारियों को सीलिंग से राहत मिल सके। इसके लिए केंद्र को पॉलिसी तैयार करनी चाहिए।
कस्तूरबा नगर से विधायक मदनलाल के मुताबिक, सीलिंग का सिलसिला दिल्ली में 2006 से शुरू हुआ था। उस वक्त केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस सरकार सीलिंग से बचने के लिए अध्यादेश लाई थी। वहीं, उसने नई पॉलिसी लाने का वायदा भी किया था। लेकिन अभी तक इस दिशा में कुछ भी नहीं हुआ। पार्टी के मुताबिक, 2 अप्रैल से सुप्रीम कोर्ट में मामले में रोजाना सुनवाई होने वाली है। उम्मीद है कि कारोबारियों को सीलिंग से राहत मिल जाएगी।