दिल्ली सरकार की तरफ से जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत अन्य लोगों को देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मिलने के बाद राजनीति भी शुरू हो गयी है। भाजपा ने इस मामले में आम आदमी पार्टी पर देरी का आरोप लगाया है। वहीं आप का कहना है कि इस मामले पर फैसला करने का उनकी सरकार कोई अधिकार नहीं था। कानून का अध्ययन करने के बाद कानून विभाग ने अनुमति दी है।
आप विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली में उनकी सरकार ने पिछले 5 सालों में किसी भी कार्रवाई में अड़ंगा नहीं लगाया। सरकार ने तो अपने विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी थी और यह मामले अभी भी अदालतों में लंबित पड़े हैं। साथ ही इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों में निर्णय लेने का अधिकार सरकार को नहीं होना चाहिए। यह कोर्ट से जुड़े मामले हैं और न्यायालय को ही ऐसे मामलों पर कार्यवाही करनी चाहिए।
उधर, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली के मौजूदा हालात में आखिरकार दिल्ली सरकार ने कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाने की इजाजत दे दी है। इसके लिए भाजपा लंबे समय से मांग कर रही थी, लेकिन सरकार फाइल रोके रही। मनोज तिवारी ने मांग की है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में वह आप पार्षद ताहिर हुसैन की गिरफ्तारी में भी दिल्ली पुलिस की मदद करें।
उमर खालिद और अनिर्बान का संयुक्त बयान
दिल्ली सरकार के फैसले से हमें कोई परेशानी नहीं है। हम निर्दोष हैं और हमें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लंबे वक्त से गलत आरोपों का सामना कर रहे हैैं। मीडिया ट्रायल भी चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आखिर में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अपना बचाव हम कोर्ट के सामने करेंगे।
जनता के आगे केजरीवाल को झुकना पड़ा : जावड़ेकर
तीन साल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल मुकदमे की अनुमति टालते रहे लेकिन उन्हें जनता के आगे झुकना पड़ा। भारत तेरे टुकड़े होंगे..., भारत की बर्बादी तक...जंग चलेगी..., हर घर से अफजल निकलेगा जैसे नारे देशद्रोही हैं। अब न्याय होगा।
कन्हैया बोले-सत्यमेव जयते
दिल्ली सरकार को मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए धन्यवाद। पुलिस और सरकारी वकीलों से आग्रह है कि इस केस को गंभीरता से लिया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में तेजी से सुनवाई हो, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। सत्यमेव जयते।