आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास बेशक राजस्थान चुनाव की रणनीति तैयार कर रहे हों। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी की केंद्रीय इकाई उनके साथ खड़ी नजर नहीं आ रही है।
आप के छोटे-बड़े नेता के ट्वीट को रि-ट्वीट करने वाले केजरीवाल का विश्वास को सोशल मीडिया पर समर्थन नहीं मिला है। यहां तक कि आप की राजस्थान टीम की हैचटैग बैकटूबेसिक्स नाम की पहली बड़ी मुहिम तक को उन्होंने रि-ट्वीट नहीं किया।
सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले पार्टी की दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने भी कुमार विश्वास से दूरी बना रखी है। इसके साथ ही विश्वास के बयानों को आधार बनाया पार्टी के भीतर से ही विरोधी आवाजें उठ रही हैं।
वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय व दीपक वाजपेयी के बाद सोमवार को आप यूथ विंग के नेशनल इंचार्ज व मीडिया कोआर्डिनेट वंदना सिंह ने विश्वास को धोखेबाज कहा है। वंदना ने ट्वीट किया कि सुबह अखबारों में आदरणीय बड़े भाई (कुमार विश्वास) रोज पार्टी को बचाने के नाम पर पार्टी को ही गालियां देते हैं।
लेकिन इससे पहले खुद से और पार्टी के साथ धोखा बंद करना चाहिये। दिलचस्प यह कि अभी तक आप के साथ काम कर रहे कई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुमार विश्वास की अपील पर राजस्थान में काम करने की इच्छा जताने के बाद पार्टी से मिले लैपटाप, मोबाइल आदि को जमा कराने का आदेश मिल गया।