मुख्यमंत्री बोलीं- बजट में हजारों करोड़ रखने के बावजूद नहीं हुआ खर्च, कैग रिपोर्टों में सामने आईं कई अनियमितताएं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को कैग रिपोर्टों पर चर्चा के दौरान भाजपा सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में पिछली आप सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कैग रिपोर्टों को पिछली सरकार का रिपोर्ट कार्ड बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, विज्ञापन और सब्सिडी समेत कई क्षेत्रों में अनियमितताएं सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आरोप भाजपा सरकार के नहीं, बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक ऑडिट संस्था कैग की रिपोर्टों में सामने आए हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा सरकार के करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में 19 कैग रिपोर्ट विधानसभा में रखी जा चुकी हैं और इन पर लोक लेखा समिति (पीएसी) कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि खर्च नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के लिए मिले 150 करोड़, स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के लिए 40 करोड़ और दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी के लिए 39 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग नहीं हुआ। करीब 19,973 करोड़ रुपये की योजनाओं से जुड़े 1,734 उपयोगिता प्रमाणपत्र लंबित थे, जबकि केवल 482 जमा किए गए।
20 हजार करोड़ खर्च ही नहीं किए...होते तो बदल जाती दिल्ली की तस्वीर
सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान बजट में बड़ी रकम रखने के बावजूद उसका पूरा उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में करीब 80,798 करोड़ रुपये का बजट था, लेकिन लगभग 61 हजार करोड़ रुपये ही खर्च हुए। करीब 20 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं किए गए। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि यह राशि सड़क, फ्लाईओवर, स्कूल और अन्य विकास कार्यों पर खर्च होती तो दिल्ली की तस्वीर अलग होती।
हर साल बजट में प्रावधान किया...लेकिन योजना नहीं लागू की
मुख्यमंत्री ने दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए हर साल बजट में राशि का प्रावधान किया गया, लेकिन योजना लागू नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अब इसे जमीन पर उतारने का काम किया है।
530 करोड़ रुपये के 45 टेंडर एक ही पैन कार्ड से किए गए
रेखा गुप्ता ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान 530 करोड़ रुपये के 45 टेंडर एक ही पैन कार्ड से किए गए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने सरकारी खरीद में जीईएम को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-कैबिनेट और ई-पीओएस जैसी व्यवस्थाओं से पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यवस्था में दीमक लग गई थी...इसलिए पेस्टिसाइड का छिड़काव किया
बिजली कंपनियों की करीब 38 हजार करोड़ रुपये की रेगुलेटरी एसेट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका बोझ दिल्ली की जनता पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। राजनीतिक हमले के अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में व्यवस्था में दीमक लग गई थी और उसे हटाने के लिए वर्तमान सरकार ने पेस्टिसाइड का छिड़काव किया है।