वहीं, सिपाहियों ने कहा कि अगर उन्हें क्लीनिक चलाना है तो 5 हजार रुपये महीना देना होगा। वह उनकी सुरक्षा के लिए ही तो रातभर घूमते हैं। डॉक्टर ने रुपये देने से इंकार कर दिया तो सिपाही क्लीनिक बंद कराने पर अड़ गए। विवाद होने पर हाथापाई की नौबत आ गई।
दोनों सिपाहियों ने डॉक्टर को लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। पीसीआर में बैठे एक अन्य पुलिसकर्मी ने डॉक्टर को बचाया। पीड़ित ने फेज-दो कोतवाली क्षेत्र के थाने जाकर शिकायत दी तो पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर देखकर मुंशी भड़क गए और उन्होंने डॉक्टर को भगा दिया।
इसके बाद पीड़ित ने सूरजपुर स्थित कार्यालय में जाकर मामले की शिकायत एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा से की। साथ ही घटना का वीडियो भी दिखाया। प्रथमदृष्टया दोषी पाते हुए एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच भी सीओ ग्रेनो प्रथम अमित किशोर श्रीवास्तव को दी गई है।