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2 साल से दबा रखी थी छात्रा से गैंगरेप की जांच, कोर्ट ने किया जवाब तलब

Fri, 31 Aug 2018 10:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने दो साल से बीए की छात्रा से गैंगरेप की जांच दबा रखी थी। संगीन केस में तत्कालीन जांच अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी लेकिन आला अधिकारियों ने एफआर रोककर पुन: जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कोतवाली आला अधिकारी के आदेश को ताक पर रखकर जांच के दबाए बैठी थी। जब पीड़ित परिजन कोर्ट गए तब यह बात सामने आई। अब कोर्ट के जवाब तलब करने पर फिर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 
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पीड़िता के पिता ने बताया कि 22 अगस्त 2016 को वह अपनी पत्नी के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान बिरौंडी गांव निवासी एक परिचित महिला उसके घर एक युवक को लेकर आई। उस दौरान उसकी बेटी घर में अकेली थी। आरोप है कि कुछ देर बाद महिला ने एक और युवक को घर में बुला लिया।

दोनों युवकों ने छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले की रिपोर्ट सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी और पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज करा दिए गए थे। इसके दो साल तक पुलिस पीड़िता व उसके परिवार को जांच का हवाला देकर टरकाता रही। 
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गैंगरेप के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हुई थी पीड़िता

पीड़ित परिजन जब कोर्ट पहुंचे तो अदालत सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने जवाब तलब किया। तब पता चला कि मामले में तत्कालीन जांच अधिकारी मदनपाल सिंह ने 22 मई 2017 को एफआर लगा दी थी। आला अधिकारियों ने मामले में एफआर रोककर फिर से जांच के आदेश दिए। जिसके बाद जांच नहीं की गई। अब पुलिस ने कोर्ट को लिखकर जवाब दिया है कि इस मामले की जांच 10 अगस्त को पुन: नए जांच अधिकारी कैलाश चंद यादव को सौंप दी गई है। कैलाश चंद यादव ने विवेचना ग्रहण करने की जानकारी कोर्ट को दी है।  
 
पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने 12वीं की पढ़ाई पूरी कर ली थी और दादरी के एक कॉलेज में प्रवेश ले लिया था लेकिन वारदात के बाद पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद पीड़िता कॉलेज नहीं गई और पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की।  
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