सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने दो साल से बीए की छात्रा से गैंगरेप की जांच दबा रखी थी। संगीन केस में तत्कालीन जांच अधिकारी ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगा दी लेकिन आला अधिकारियों ने एफआर रोककर पुन: जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद कोतवाली आला अधिकारी के आदेश को ताक पर रखकर जांच के दबाए बैठी थी। जब पीड़ित परिजन कोर्ट गए तब यह बात सामने आई। अब कोर्ट के जवाब तलब करने पर फिर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पीड़िता के पिता ने बताया कि 22 अगस्त 2016 को वह अपनी पत्नी के साथ शहर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान बिरौंडी गांव निवासी एक परिचित महिला उसके घर एक युवक को लेकर आई। उस दौरान उसकी बेटी घर में अकेली थी। आरोप है कि कुछ देर बाद महिला ने एक और युवक को घर में बुला लिया।
दोनों युवकों ने छात्रा को जान से मारने की धमकी देकर सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले की रिपोर्ट सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी और पीड़िता के कोर्ट में बयान भी दर्ज करा दिए गए थे। इसके दो साल तक पुलिस पीड़िता व उसके परिवार को जांच का हवाला देकर टरकाता रही।