मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी (आप) विधायकों से असहमति जताते हुए दिल्ली पुलिस के शहीदों को एक करोड़ रुपये मदद की दिल्ली सरकार की योजना से बाहर करने से इंकार कर दिया है। केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस के कर्मियों को परिवार का सदस्य करार दिया। शनिवार शाम पालम इलाके में दिल्ली पुलिस के शहीद पुलिसकर्मियों बिरेंद्र सिंह व दीपक कुमार के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि सौंपते वक्त केजरीवाल ने यह बात कही। इस दौरान परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत, आप के दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र प्रभारी राघव चड्ढा मौजूद थे।
केजरीवाल ने कहा कि एक महीने में उन पर दो बार हमले हुए। सिग्नचेर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में उन पर बोतलें फेंकी गईं। इसके कुछ दिन बाद ही सचिवालय में एक व्यक्ति ने मिर्च से हमला किया। इससे नाराज आप के कई विधायकों ने पत्र लिखकर मांग की थी कि दिल्ली पुलिस को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि योजना से हटा दिया जाना चाहिए। वह सही तरीके से कर्तव्य नहीं निभा रही। केजरीवाल ने कहा कि वह विधायकों की राय से पूरी तरह असहमत हैं। शायद कुछ वरिष्ठ अधिकारी गलत काम करते हैं, लेकिन बिरेंद्र सिंह और दीपक कुमार जैसे जांबाजों की वजह से दिल्ली पुलिस का सम्मान बढ़ता है। केजरीवाल ने दोहराया कि उनकी सरकार शहीदों को शहादत के एक महीने के बाद ही सम्मान राशि देना चाहती थी, लेकिन उपराज्यपाल ने इस नीति को रोका हुआ था।
गौरतलब है कि पिछले साल कांस्टेबल बिरेंद्र सिंह वीवीआई रूट पर ड्यूटी कर रहे थे। उसी वक्त एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज में दौरान उनकी मौत हो गई थी। वहीं, कांस्टेबल दीपक कुमार रात में साथी संग अफ्रीकन एव्न्यू के नजदीक वाहनों की जांच कर रहे थे। बेकाबू ट्रक ने दोनों कर्मियों को टक्कर मार दी थी। इससे दोनों बुरी तरह घायल हो गए थे।