लॉकडाउन के बीच दिल्ली व आसपास रहने वाले प्रवासी मजदूर सब्र खो रहे हैं। खाने-पीने का सामान खत्म होने और अन्य परेशानियों को देखते हुए वे किसी भी तरह अपने गांव पहुंचना चाहते हैं। साधन नहीं होने के कारण इनमें से कुछ पैदल या साइकिलों से ही गांव के लिए निकल पड़े हैं। कुछ मजदूर हरियाणा व पंजाब से वाया दिल्ली गांव लौट रहे थे। दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों से 55 मजदूरों को रोका है। सभी को शेल्टर में भेजकर उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था की गई है।
दिल्ली में कुछ थानाध्यक्षों ने उन बस्तियों को चिन्हित किया है, जहां प्रवासी मजदूर रहते हैं। उनको खाने-पीने व अन्य जरूरी सामान दिया जा रहा है, ताकि वे पलायन न करें। साकेत थाना पुलिस ने मंगलवार सुबह एमबी रोड पर चार मजदूरों को रोका। ये हरियाणा के पटौदी से पैदल ही यूपी में अमरोहा के लिए निकले थे। ये सड़क बनाने वाले ठेकेदार के पास काम करते थे। साकेत पुलिस ने इन्हें महरौली में स्थित शेल्टर होम में भेज दिया। डिफेंस कॉलोनी थाना पुलिस ने पैदल ही यूपी के बहराइच जा रहे 12 मजदूरों को रोका।
मालवीय नगर थाना पुलिस ने खोखा मार्केट के पास नौ मजदूरों को रोका। ये भी पैदल बिहार जा रहे थे। हौजरानी में रहने वाले ये मजदूर रंगाई-पुताई का काम करते हैं। हौजखास थाना पुलिस ने मध्य प्रदेश, यूपी व बिहार के 10 मजदूरों को एम्स के गेट नंबर-3 के पास रोका। एसआई हेमाराम ने सभी को शेल्टर होम छोड़ दिया है।
उधर, फतेहपुर बेरी थाना पुलिस ने 15 मजदूरों को रोका। ये हरियाणा के बहादुरगढ़ से बिहार के मधुबनी साइकिल से जा रहे थे। उनको राधास्वामी सत्संग शेल्टर होम में भेज दिया गया है। दूसरी ओर, बेरोजगारी से परेशान होकर यूपी के अयोध्या लौट रहे पांच मजदूरों को कश्मीरी गेट पुलिस ने रोका है। ये मजदूर पंजाब के लुधियाना से आ रहे थे। ये पुलिस व प्रशासन से छिपते हुए यहां तक पहुंचे थे।