परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने वाहनों पर कार्रवाई की रणनीति तैयार कर ली है। पुराने वाहन को पकड़ने के बाद सीज किया जाएगा।
यहां से वाहन को दूसरे जिले में पंजीकरण कराने की एनओसी लेने के बाद ही छोड़ा जाएगा। यहां से पुराने वाहन को सीधे संबंधित जनपद में ले जाया जाएगा।
परिवहन अफसरों ने ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेशों को लागू करने की योजना आन पेपर तैयार कर ली है। इसमें 15 साल पुराने वाहनों को दिल्ली-एनसीआर की सीमा से बाहर किया जाना है।
अभियान 20 जनवरी से शुरू करने की तैयारी है, लेकिन कार्रवाई में तेजी 12 फरवरी से की जाएगी। तब तक वाहन मालिकों को जागरूक किया जाएगा।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने ग्रीन ट्रिब्युनल के आदेशों को लागू करने की गाइडलाइन जारी कर आरटीओ-एआरटीओ को प्रभारी बनाया गया है।
निर्देशों के अनुसार 15 साल पुराने वाहनों को पकड़कर सीज किया जाएगा। इन वाहनों पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना धनराशि एक हजार रुपये लगने का अनुमान है।
इसके बाद वाहन मालिक को आरटीओ से एनओसी लेनी होगी। एनओसी में बताना होगा कि वाहन किस जनपद में ले जाना है। आरटीओ की एनओसी के बाद वाहन को संबंधित जनपद में ले जाया जाएगा। वहीं पर उसका पंजीकरण होगा।