जैसे-जैसे दिन बीतते चले गए, निजी गोताखोरों व एनडीआरएफ ने लापता युवाओं की तलाश बंद कर दी। लेकिन हिमांशु के पिता ने हिम्मत नहीं हारी। वह 20 दिन से भूखे-प्यासे रहकर बेटे की तलाश में लगे रहे। वह गंगनहर के किनारे-किनारे तलाश में जुटे थे कि बृहस्पतिवार को उनकी तलाश खत्म हो गई।
कूड़े में अटका मिला कलेजे के टुकड़े का शव
सुखबीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह उनके बेटे की तलाश में नहर की पटरी के सहारे आ रहे थे। सिकंदराबाद क्षेत्र के सनौटा में नहर पुल के पास दो शव कूड़े के ढेर में अटके मिले। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया गया। एक शव युवक तो दूसरा युवती का था।
काफी दिनों तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह से गल चुके थे। सुखबीर सिंह ने बताया कि जूतों और टी-शर्ट के आधार पर युवक के शव की पहचान अपने बेटे हिमांशु के शव के रूप में की।
कनिका का बताया जा रहा युवती का शव, परिजन करेंगे शिनाख्त
गौरतलब है कि हिमांशु के साथ-साथ कनिका भी लापता चल रही थी। हिमांशु के साथ एक युवती का शव भी मिला है। उक्त शव कनिका का ही बताया जा रहा है। हालांकि, कोतवाल दिलीप सिंह का कहना है कि कनिका के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके द्वारा शिनाख्त करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।