पहाड़गंज के चूनामंडी गली नंबर एक में बुधवार सुबह चार मंजिला इमारत में आग लग गई। यहां रहने वाले दंपती समेत तीन लोग आग में फंस गए। पुलिसकर्मियों ने जान पर खेलकर तीसरी मंजिल पर फंसी महिला और उसके पति को बचा लिया। जितेंद्र नाम के शख्स ने ऊपर कूदकर जान बचाई। उसका गंगाराम अस्पताल में इलाज चल रहा है। दमकल की दस गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। शुरूआती जांच में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात सामने आ रही है।
पुलिस आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का आकलन कर रही है। खौफनाक मंजर से गुजरने वाले दंपति पेशे से एक्यूप्रेशर डॉक्टर बलराज चौधरी (52)और 50 वर्षीय गंगा देवी अभी भी सदमे में हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दंपती की जान बचाने वाले बहादुर पुलिसकर्मी हवलदार मनोज कुमार, सिपाही संदीप और अमित को पुरस्कृत किया जाएगा।
बुधवार सुबह करीब छह बजे पहाड़गंज थाने के कई स्टाफ ईद की वजह से ड्यूटी पर थे। चूना मंडी के बीट अफसर हवलदार मनोज, सिपाही अमित और संदीप की तैनाती हरी मस्जिद के पास थी। मस्जिद के ठीक सामने चूना मंडी गली नंबर एक के एक इमारत से मनोज ने धुआं निकलता हुआ देखा। तीनों भागकर वहां पहुंचे। उन लोगों ने देखा कि आग और धुंआ पहली और दूसरी मंजिल से निकल रही थी। जबकि तीसरी मंजिल के ग्रिल पर गंगा देवी लटकी हुई थी और अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही थी। वहीं उनके पति बलराज चौथी मंजिल पर फंसे थे।
पुलिसकर्मियों ने देखा कि इमारत की सीढ़ियों से ऊपर जाना मुमकिन नहीं है। पुलिसकर्मियों ने तुरंत पड़ोस के मकान से उक्त मकान की छत पर पहुंचे। ऊपर का दरवाजा बंद था। पुलिसकर्मियों ने लात मारकर दरवाजा तोड़ दिया। सिपाही संदीप इमारत की खिड़की पर बने छज्जे पर उतर गया। उसके बाद एक सीढ़ी को महिला के नजदीक ले गया। लेकिन महिला सीढ़ी नहीं पकड़ पाई। फिर संदीप ने हाथ पकड़कर महिला को छज्जे पर खींच लिया और सीढ़ी की मदद से उसे छत पर भेजा। उसके बाद पुलिसकर्मियों ने बलराज को बचा लिया। लेकिन इस दौरान दूसरी तरफ आग में फंसे जितेंद्र ने उपर से छलांग लगा दी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
बचाव अभियान के दौरान बजती रही तालियां
इमारत में आग लगने व दंपति के आग में फंसकर चिल्लाने के दौरान वहां काफी लोग जमा हो गए, लेकिन कोई भी उन्हें बचाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। इसी दौरान तीन पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और बिना समय गंवाए तीनों ने दंपति को बचाने का उपाय करने लगे। पुलिसकर्मियों की बहादुरी देख वहां मौजूद लोग ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे। साथ ही कई लोग पूरी बचाव अभियान को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे।
प्लास्टिक होने के चलते आग तेजी से ऊपर की मंजिल में फैली
पुलिस के अनुसार चार मंजिला इमारत के भूतल में प्लास्टिक का गोदाम है। बताया जा रहा है कि सुबह पानी के मोटर चलाने के दौरान शार्ट सर्किट होने की वजह से गोदाम में आग लग गई। प्लास्टिक होने की वजह आग तेजी से फैली और ऊपर की मंजिल में पहुंच गई। पहली मंजिल से आग की लपटें निकलने लगी, जबकि अन्य मंजिलों पर धुआं का गुब्बार फैल गया। दमकल की दस गाड़ियों ने एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। पुलिस का कहना है कि अभी आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।