अगर रात के समय राजघाट पर दिल्ली पुलिस के कर्मी परेड करते हुए दिखें तो चौंकिएगा नहीं। दरअसल, इन्हे रात में परेड करने की सजा दी गई है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय समेत मध्य जिले में पुलिसकर्मियों की यह परेड चर्चा का विषय बनी हुई है। मध्य जिला डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने पुलिसकर्मियों द्वारा रात में परेड करने की बात स्वीकारी है। उन्होंने बताया कि भाजपा के रामलीला मैदान में हुए खिचड़ी समागम में ये पुलिसकर्मी काफी देर से पहुंचे थे। इस कारण अनुशासन में रखने के लिए रात में परेड करने को बुलाया गया था।
मध्य जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रविवार सुबह रामलीला मैदान में भाजपा की भीम महासंग्राम रैली (समरसता रैली) का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में पांच हजार किलो की खिचड़ी बनाई गई थी। इस रैली में मध्य जिले के करीब 83 पुलिसकर्मी 10 मिनट से लेकर आधा घंटे की देरी से पहुंचे थे। देरी से पहुंचने पर मध्य जिला पुलिस अधिकारियों का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। इसके बाद मध्य जिला डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने देरी से पहुंचने वाले सभी पुलिसकर्मियों को रविवार रात राजघाट पहुंचने का आदेश दिया। कड़ाके की ठंड में सभी पुलिसकर्मी रात करीब 11 बजे राजघाट पहुंचे और रात दो बजे तक परेड की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात की परेड रद्द कर दी गई है। आगे परेड हो सकती है। इस सजा से पुलिसकर्मियों में खासी नाराजगी है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि उनसे दिन में ड्यूटी कराई जाती है, जबकि रात में वह परेड करते हैं। कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि वह रामलीला मैदान में सिर्फ 10 मिनट की देरी से पहुंचे थे। हालांकि, मध्य जिला डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा का कहना है कि अनुशासन में रखने के लिए पुलिसकर्मियों को एक रात के लिए राजघाट पर बुलाया गया था।