औद्योगिक नगर की पुलिस के बेड़े में अब ड्रोन कैमरा भी शामिल हो गया है। आतंकवादी घटना, दंगा-फसाद जैसे प्रतिकूल हालात में या जाम की समस्या से निपटने में पुलिस इस तकनीक का इस्तेमाल करेगी।
बुधवार को पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने कार्यप्रणाली के प्रदर्शन के बाद इस ड्रोन को पुलिस के सहयोगी उपकरण के रूप में शामिल किया। बाबा फरीद की नगरी में जाम की समस्या सबसे बड़ी है।
नेशनल हाईवे सहित शहर की मुख्य सड़कें सुबह शाम जाम की समस्या से जूझती हैं। जाम में फंसे वाहनों का बेहतर प्रबंधन कर रास्ता बनाने में ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
यही नहीं जाम का सबब बनने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने में भी इसकी मदद ली जाएगी। औद्योगिक नगरी में बिजली, पानी की मांग आदि को लेकर रोजाना धरना प्रदर्शन, रास्ता जाम जैसे आंदोलन होते रहते हैं।
इन प्रदर्शन आंदोलनों के दौरान कुछ अराजकतत्व माहौल बिगाड़ने का काम करते हैं। ऐसे अराजकतत्वों की पहचान के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
अग्निकांड जैसी घटनाओं में इमारत में फंसे लोगों को ढूंढने में भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक राजधानी दिल्ली के सबसे करीब होने की वजह से बाबा फरीद की नगरी भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है।
आतंकवादी घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए भी इस तरह की तकनीकी आवश्यक है। सराय ख्वाजा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि बुधवार को सेक्टर-33 स्थित नेशनल पॉवर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनपीटीआई) पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी के सामने ड्रोन का प्रदर्शन किया गया।
हेडकांस्टेबल संजय ने ड्रोन ऑपरेट कर पुलिस आयुक्त को इसकी कार्य प्रणाली दिखाई। इसके बाद ड्रोन को पुलिस के बेड़े में शामिल कर लिया गया।