अगर आप होम क्वारंटीन में हैं तो इसके नियमों का पालन करें। अगर आपने लापरवाही बरती तो दिल्ली पुलिस केस दर्ज कर सकती है। पुलिस ने अभी तक 95 लोगों पर नियमों को तोड़ने के आरोप में केस दर्ज किये हैं। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उपराज्यपाल अनिल बजैल के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह जानकारी दी। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत दिल्ली पुलिस व सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। हालांकि दिल्ली पुलिस पत्रकारों को ये आंकड़ा 33 बता रही थी।
पुलिस आयुक्त ने उपराज्यपाल को बताया कि तकनीक और सूचना के बेहतर तालमेल एवं इस्तेमाल से सभी कोरोना मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस होम क्वारंटीन में रखे गए 20,408 लोगों की निगरानी कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने निर्देश दिया था कि तकनीक के सहारे होम क्वारंटीन में रखे गए लोगों पर नजर रखी जाए। इसके बाद दिल्ली सरकार ने पुलिस को होम क्वारंटीन में भेजे गए लोगों का मोबाइल डाटा दिया था। पुलिस अब मोबाइल की लोकेशन के आधार पर इन लोगों की आवाजाही पता कर रही है।
उपराज्यपाल ने शुक्रवार की बैठक में दिए निर्देश
. लॉकडाउन का प्रभावी तरीके से पालन कराना।
. भोजन/खाद्यान्न वितरण केन्द्रों का उचित और प्रभावी प्रबंधन, आवश्यकता अनुसार नए वितरण केन्द्र खोलना एवं इन सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना।
. होम क्वारंटीन, आइसोलेशन केन्द्रों की निगरानी।
. यह सुनिश्चित करना कि कहीं भी कोई भीड़ जमा न हो।
. आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना एवं
. संक्रमितों के सभी संपर्कों की ट्रेसिंग/पहचान।
क्वारंटीन में घरों से निकलने वाले 33 लोगों पर मुकदमा दर्ज
लॉकडाउन में कोरोना पोजीटिव होने के शक में क्वारंटीन हुए लोग लगातार नियमों का उल्लंघन कर घरों से बाहर निकल रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने सख्ती करते हुए 33 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज किये हैं। इन लोगों पर पुलिस सर्विलांस की मदद से लगातार नजर रखे हुए थी। इनकी मोबाइल लोकेशन को लगातार ट्रेस किया जा रहा था। इस दौरान सामने आया कि कुछ लोग लगातार अपने घरों से बाहर निकल रहे थे। पुलिस ने ऐसे 33 लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमे दर्ज किये। पुलिस का कहना है कि कई लोगों पर नजर रखी जा रही है। उनसे भी सख्ती से निपटा जाएगा।