इसी दौरान दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोप है कि बदमाशों ने पिस्टल के बल पर 44 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें बदमाश हथियार लेकर वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए।
बेटे ने कर्ज चुकाने के लिए रची साजिश
जितेंद्र कुमार की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लूट की वारदात के पीछे पहले से साजिश रची गई थी।
पुलिस जांच में कारोबारी अवधेश तिवारी के बेटे प्रंजय तिवारी की भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, प्रंजय पर कर्ज था और उसे चुकाने के लिए उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 44 लाख रुपये लूटने की साजिश बनाई। पुलिस ने प्रंजय और उसके दोस्त सौरभ तिवारी उर्फ प्रफुल्ल को गिरफ्तार कर लिया।
रकम और अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अब लूटी गई रकम की बरामदगी के साथ वारदात को अंजाम देने वाले अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि साजिश में कितने लोग शामिल थे और वारदात की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है।