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दिल्ली में बवालः शव यात्रा निकालने के लिए भी मांगनी पड़ी पुलिस से इजाजत...

Thu, 27 Feb 2020 07:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Delhi violence - फोटो : अमर उजाला
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शिव विहार में उपद्रव का आलम यह था कि मृतकों के परिजनों को शव यात्रा निकालने के लिए भी पुलिस से इजाजत मांगनी पड़ रही थी। सोमवार को हुई हिंसा में मारे गए इंजीनियर राहुल सोलंकी (26) का परिवार बुधवार दोपहर को तिराहे पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शव यात्रा निकालने की गुहार लगा रहा था। दरअसल इलाके में अघोषित कर्फ्यू का माहौल था। 

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ऐसे में पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों के जवान किसी को भी सड़क पर निकलने नहीं दे रहे थे। खुद संयुक्त आयुक्त ने राहुल के परिवार को शव यात्रा निकालने का आश्वासन दिया, तो परिवार ने शिव विहार के ही शमशान घाट जाकर उसका अंतिम संस्कार किया।

राहुल के पिता हरी सिंह सोलंकी ने बताया कि उनका बेटा निजी कंपनी में इंजीनियर था। उनका परिवार बाबू नगर की गली नंबर-5 के ए-74/5 में रहता है। सोमवार शाम को राहुल घर में ही था। इस बीच मां ने कहा कि घर में दूध नहीं है। 
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राहुल दूध लेने के लिए बाहर निकला तो शिव विहार के पास बृजपुरी मेन रोड पर किसी ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। काफी देर तक शव सड़क पर ही पड़ा रहा था। पुलिस ने शव को मोर्चरी भेज दिया। परिजनों ने राहुल की तलाश शुरू की। 

मंगलवार को परिवार को उसकी मौत का पता चला। पहचान होने के बाद बुधवार को उसके शव का अंतिम संस्कार हुआ तो परिवार को उसके अंतिम संस्कार की चिंता सताने लगी। उपद्रव को देखते हुए हरी सिंह ने रोते हुए संयुक्त आयुक्त से शव यात्रा निकालने की गुहार लगाई तो उन्हें अंतिम यात्रा निकालने के लिए कहा गया। 

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