दिल्ली से मथुरा जा रही ईएमयू ट्रेन में 22 जून को चाकुओं से गोदकर हुई 16 साल के लड़के जुनैद की हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। डॉक्टरों का मानना है कि जुनैद की मौत चोट लगने से हुए खून रिसाव और समय पर इलाज न मिलने के कारण हुई है।
जुनैद के साथ हुई वारदात के समय उस पर आठ वार हमले किए गए थे। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जुनैद के शरीर पर मिले चोट के आठ निशानों से पता चला है। जिला नागरिक अस्पताल द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में जीआरपी पुलिस को भी जानकारी दे दी गई है।
जुनैद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखकर कहा जा सकता है कि उस पर हमला करने वाला आरोपी कोई पेशेवर अपराधी नहीं है। इसका अंदाजा ट्रेन में विवाद के दौरान हुए झगड़े में आरोपी ने जिस तरह से तेजधार हथियार से मृतक जुनैद पर हमले किए हैं, उससे लगाया जा सकता है। आरोपी द्वारा हमले के दौरान एक भी वार मृतक जुनैद के पेट या सीने पर नहीं किया है। आरोपी ने जिनते भी वार किए हैं, वे सभी दोनों जांघों पर, दोनों बाजुओं, कमर व कंधे के बीच में किए हैं।
इसके अलावा सिर पर जो वार किया गया है, वह किसी तेजधार हथियार से नहीं, बल्कि किसी ठोस चीज से किया गया है। ये सारी जानकारी पोस्टमार्टम की जांच में सामने आई हैं। माना जा रहा है कि जुनैद पर वार करने वाले एक से ज्यादा रहे होंगे, क्योंकि भीड़ के बीच दो अलग-अलग चीजों से वार किया गया।
समय पर नहीं मिला इलाज
junaid murder
चिकित्सकों का मानना है कि जुनैद के शरीर पर जितनी भी चोट लगी हैं, उससे मौत नहीं हो सकती। यदि समय रहते जुनैद को प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो शायद उसकी जिंदगी बच जाती। चोट लगने के करीब आधा घंटे तक खून का रिसाव होता रहा। हमलावरों ने खून से लथपथ हालत में असावटी स्टेशन पर फेंक दिया था। वह तड़पता रहा और लोग तमाशबीन बने रहे। जीआरपी पुलिस भी काफी देर बाद मौके पर पहुंची थी।
सूत्रों की मानें, तो जुनैद पर तेजधार जिस हथियार से वार किए गए , वह भी कोई साधारण ही लग रहा है। हो सकता है कि वह सब्जी काटने वाला चाकू हो। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने बाकी पहलुओं पर भी जांच शुरू कर दी है।
दो जुलाई जंतर-मंतर पर धरना देंगे खंडावली गांव के लोग
eid in junaid village
- फोटो : अमर उजाला
खंदावली के जुनैद की हत्या के विरोध में जहां मेवात में लोगों ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर ईद मनाई, वहीं मंगलवार को नूंह के गांधी पार्क में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मौलाना शौकत अली द्वारा की गई। बैठक को मुख्य रुप से बिहार से जदयू के सांसद अली अनवर अंसारी द्वारा संबोधित किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि 2 जुलाई से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुनैद को न्याय दिलाने के लिए 3 दिवसीय धरना शुरू किया जाएगा।