सिविक सेंटर के समक्ष 32 दिन से धरना दे रहे थे कर्मचारी, कई कर्मचारियों ने पुलिस की हुई झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी के जन स्वास्थ्य विभाग के एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल बृहस्पतिवार को 32वें दिन तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई। सिविक सेंटर पर चल रहे शांतिपूर्ण धरने को पुलिस ने जबरन हटवा दिया। धरना दे रहे कर्मचारियों को बसों में भरकर अलग-अलग थानों में ले जाया गया। धरनास्थल पर सुबह करीब नौ बजे पुलिस का भारी दलबल पहुंचा और बिना किसी पूर्व सूचना के पूरे धरना स्थल को घेर लिया।
धरना स्थल को खाली कराते समय कई कर्मचारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। महिलाओं सहित बड़ी संख्या में कर्मियों को हिरासत में लिया गया। कई कर्मचारियों को कमला मार्केट, बाराखंभा और आईपी एस्टेट, पटेल नगर आदि थानों में रखा गया है। कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण ढंग से बैठे थे, लेकिन पुलिस ने एक भी नहीं सुनी। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह सरकार की नाकामी और आवाज दबाने की कोशिश है। हम 29 सितंबर से शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमें बंधुआ मजदूर की तरह काम करने पर मजबूर कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल अब सिर्फ वेतन वृद्धि की नहीं, बल्कि सम्मान की लड़ाई बन चुकी है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें नियमितीकरण, समान वेतन और कार्य परिस्थितियों में सुधार की हैं। यूनियन के महासचिव देवानंद शर्मा ने कहा कि अब कर्मचारी समझ गए हैं और उन्होंने तय किया है कि अब आरपार की लड़ाई होगी। सिविक सेंटर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।