आज परिस्थितियां बदल गई है। व्यावहारिक तौर पर लोगों से जुड़ने के लिए पुलिस अब कम्यूनिटी पुलिसिंग पर जोर दे। बीते पांच वर्षो में प्रदेश सरकार से इनकी शुरुआती की, जिसका बेहतर परिणाम सामने आया है। कम्यूनिटी पुलिसिंग ही स्मार्ट पुलिसिंग की कड़ी है। यह बातें मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को तीसरे युवा पुलिस अधीक्षक सम्मेलन व पुलिस एक्सपो-2020 के समापन अवसर पर कही।
मुख्यमंत्री ने देशभर से आए पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले पुलिस को बेहद सख्त, अव्यवहारिक माना जाता था। इस वजह से पुलिस की वैसी ही छवि बनी हुई है। अब समय बदल गया है, पुलिस को भी उसी अनुरूप ढलकर कम्यूनिटी पुलिसिंग पर जोर देना चाहिए।
कम्यूनिटी मोबिलाइजिंग में सरकार के निर्देश पर पुलिस ने जिला स्तर पर मैराथन, राहगीरी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कराया। लोगों से सीधे संवाद किया गया। हर समय पोर्टल की मदद से एफआईआर और शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिया गया। इससे अपराधों में कमी होने के साथ लोगों में पुलिस की छवि भी बदली है।
आज का समय तकनीक का है, लेकिन तकनीक से अपराधों का तरीका भी बदल गया है। बीते कुछ साल में साइबर अपराधों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो पुलिस के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में कंट्रोल कमांड सेंटर की तरह आने वाले समय में सभी थाना क्षेत्र में कंट्रोल कमांड यूनिट बनाई जाएगी।
कोरोना से डरने की जरुरत नहीं, सरकार पूरा प्रयास कर रही
देश में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर सीएम मनोहरलाल ने कहा कि इससे डरने की जरुरत नहीं है। सरकार के पास इस स्थिति से निपटने के लिए उपयुक्त संसाधन हैं। सीएम ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की।