निहो स्कॉटिस सोसायटी में हुए लिफ्ट कांड में रेजिडेंट्स ने नोएडा पुलिस के एसएचओ पर बिल्डर का पक्ष लेने का आरोप लगाया है।
नोएडा के एसपी सिटी ने मदद के आश्वासन के साथ रेजिडेंट्स को थाना सेक्टर-58 के एसएचओ के पास भेजा था। रेजिडेंट्स की बात सुनने की बजाय एसचओ उन्हीं पर बरस पड़े।
रेजिडेंट्स से बोले कि जब अनियमितताएं थीं तो बिल्डर से फ्लैट खरीदे ही क्यों? फ्लैट खरीदने से पहले जांच क्यों नहीं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पुलिस कुछ नहीं कर सकती, शिकायत लेकर जीडीए के पास जाओ।
यह भी कहा कि बिल्डर की कोई गलती नहीं है। इसके बाद से रेजिडेंट्स में रोष है और मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे निहो स्कॉटिस सोसायटी की लिफ्ट में फंस कर घायल हुई निवेदिता के पति अपूर्व चतुर्वेदी समेत रेजिडेंट अभिनव गुप्ता और डीके मौर्या नोएडा के एसपी सिटी से मिलने पहुंचे।
करीब आधा घंटे तक हुई बातचीत के बाद एसपी सिटी ने सेक्टर-58 एसएचओ को तत्काल कार्रवाई करने और बिल्डर को उनके सामने पेश करने का आदेश दिया।
रात करीब आठ बजे एसएचओ रविकांत पराशर निहो स्कॉटिस सोसायटी पहुंचे। यहां एसएचओ ने एसपी सिटी के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का फरमान रेजिडेंट्स को सुना दिया।
पहली बार लिए पीड़िता के बयान
लिफ्ट गिरने की घटना के कई दिन बाद निहो स्कॉटिश सोसायटी में लिफ्ट में फंसी महिला निवेदिता के पहली बार बयान लिए गए। शुक्रवार को चार बजे कनावनी पुलिस चौकी के आईओ एसपी सिंह निवेदिता से मिलने पहुंचे। उन्होंने निवेदिता से घटना के दिन की जानकारी लेने के साथ ही लिफ्टमैन से भी बात की।
लिफ्ट का नियम ही नहीं
शहर में लिफ्ट लगाने के कोई तय नियम ही नहीं हैं। लिफ्ट लगाने के मानक क्या होंगे? किस तरह लिफ्ट का रखरखाव किया जाएगा। फेडरेशन ऑफ एओए अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा जीडीए में डाली आरटीआई से खुलासा हुआ है।