राजधानी से सटे फरीदाबाद में 350 किलो विस्फोटक सामग्री और एके-47 मिलने के बाद भी दिल्ली पुलिस सचेत नहीं हुई। फरीदाबाद में डॉक्टर के घर से गोला-बारूद मिलने के बाद दिल्ली में सुरक्षा अलर्ट जारी किया था, लेकिन लाल किला जैसे ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाले इलाके में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। सुरक्षा की हुई लापरवाही से 10 लोगों ने अपनी जान गवां दी, जबकि अब भी कई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
इस धमाके ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में कहा गया कि सीएनजी कार में आग लगी है, लेकिन धमाके की वीभत्सता देखने के बाद कई तरह की आशंकाएं जाहिर की जा रही हैं। राजधानी दिल्ली कई बार आतंकी हमलों और बम धमाकों का शिकार बनी है। चाहे वह संसद पर आतंकी हमला हो या सरोजिनी नगर मार्केट सहित दिल्ली में कई जगह हुए सीरियल ब्लास्ट। इन घटनाओं ने न केवल शहर को दहला दिया, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
दिल्ली, यूपी, हरियाणा, मुंबई सहित देशभर में हाई अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, मुंबई और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। देशभर में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, हवाई अड्डों और धार्मिक स्थानों की सघन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अयोध्या में राममंदिर और नागपुर स्थित संघ मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जिस कार से हुआ धमाका, वह कई बार बिकी...पुलवामा से भी जुड़े तार
जिस कार एचआर-26-सीई 7674 से धमाका हुआ, उसका रजिस्ट्रेशन गुरुग्राम, हरियाणा निवासी सलमान के नाम है। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया, कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेच दी थी। देवेंद्र ने उसे अंबाला में किसी तीसरे को बेचा। वहां से पुलवामा निवासी तारिक को बेच दी गई थी। पुलवामा में 2019 में आतंकियों ने इसी तरह एक वाहन में विस्फोटक भर धमाका किया था, जिसमें 40 जवान बलिदान हुए थे।
धमाके के बाद घायलों को बचाने के लिए बनाया इमरजेंसी ग्रीन कॉरिडोर
लाल किले के पास धमाके के बाद पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके को खाली करा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द लाल किले से लेकर लोकनायक अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, ताकि घायलों को समय रहते हुए बचाया जा सके। राहत एवं बचाव कार्य को गति देने के लिए, बाजार की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक, हर रास्ते को तुरंत खाली कराया गया, ताकि मेडिकल और इमरजेंसी वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर सकें। इसके लिए पुलिस ने लाल किला, जामा मस्जिद और दिल्ली गेट के आसपास के सभी इलाकों को बंद कर इन मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस ने सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों को भी जल्द खाली कराया।
शुरुआत में पुलिस को लगा कार में फटा है सीएनजी सिलिंडर
धमके के बाद मची अफरातफरी के बीच पुलिस इसे कार में सीएनजी सिलिंडर विस्फोट मान रही थी। पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि कार में सीएनजी सिलिंडर में विस्फोट हुआ है, जिससे कार में आग लग गई। आगे बताया गया कि घटना लाल किला पुलिस चौकी के पास हुई। एहतियातन पुलिस ने लालकिला मेट्रो स्टेशन के गेट संख्या एक और चार को बंद करवा दिया।