दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों के संबंध में पेश रिपोर्ट पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा पुलिस प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही, बल्कि रिपोर्ट में खानापूर्ति की गई है।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने पेश रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कहा कि आपने महरौली, गोविंदपुरी में अपराध बढ़े हैं, जबकि सफदरजंग एंक्लेव व हौजखास क्षेत्र में अपराधों में कमी आई है।
खंडपीठ ने कहा आप समृद्ध व प्रभावशाली क्षेत्रों में काफी सक्रिय हैं और पुलिस काम कर रही है, लेकिन महरौली व गोविंदपुरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों की अनदेखी कर रहे हैं।
खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि अपने हाल ही में कहा था कि ऐसे 44 स्थानों को चिह्नित किया है जहां महिलाओं के प्रति अधिक अपराध हो रहे हैं।
आप को इन क्षेत्रों में तुरंत कार्रवाई करने व जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। आपने ऐसा कुछ नहीं किया, हम आपके जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। अदालत ने पेश जवाब को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने कहा यदि ऐसे मामलों में कोई अमीर या विदेशी पकड़ा जाता है तो आप तुरंत डीएनए सैंपल ले लेते हैं और बिना साक्ष्यों के सजा नहीं दी जाती। उनमें कानून के प्रति कोई डर नहीं है। आपको संदेश देना चाहिए कि आप उन्हें भी पकड़ सकते हैं।
वहीं याची गौरव बंसल ने कहा कि दिल्ली पुलिस की विज्ञप्ति से स्पष्ट है कि महिलाओं से छेड़छाड़ व परेशान करने के मामलों में 600 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।