सेक्टर-128 के जेपी अस्पताल से सेक्टर-62 के फोर्टिस अस्पताल तक सोमवार को पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर एंबुलेंस से किडनी को सही समय पर पहुंचा दिया।
ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को मात्र एक घंटे का समय मिला। बावजूद, इसके ट्रैफिक और सिविल पुलिस ने उम्दा तालमेल बैठाते हुए तैयारी पूरी की और मिशन सफल रहा।
दरअसल, जेपी अस्पताल में भर्ती ब्रेन डेड मरीज की किडनी परिजनों ने दान की थी। उसे 16 किमी की दूरी तय कर जल्द से जल्द फोर्टिस अस्पताल में पहुंचाना था। इसलिए यह मिशन तैयार किया गया।
ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर मिशन को पूरा करने की जिम्मेवारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव को दी गई। उनके नेतृत्व में चार ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और 25 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल की टीम ने शहर के 12 चौराहों और तिराहों पर मोर्चा संभाल लिया।
मिशन के दौरान चौराहों पर रोका गया यातायात
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बची तीन जिंदगी
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इसके अलावा होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों का सहारा भी लिया गया। मिशन के दौरान सेक्टर-58, 49 और एक्सप्रेस-वे थाने की पुलिस भी शामिल रही। मिशन के दौरान चौराहों पर यातायात को रोक दिया गया।
हालांकि. जिस रूट पर एंबुलेंस को जाना था। वहां यातायात चलता रहा। दोपहर 12.07 में जेपी अस्पताल से एंबुलेंस में किडनी लेकर डॉक्टरों की टीम निकली। एंबुलेंस के 100 मीटर आगे ईको-3 की गाड़ी रही।
वहीं ईको-3 के आगे एक पीसीआर गाड़ी चलती रही। एंबुलेंस सेक्टर-128 के जेपी अस्पताल से चलकर हाजीपुर अंडरपास, डीएसई रोड, बरौला के पास सेंट्रल वर्ज पर टूटे हुए रास्ते को पार करते हुए हनुमान मंदिर के पास निकली।
वहां से सेक्टर-71 होते हुए मामूरा से सेक्टर-62 के फोर्टिस अस्पताल 12.24 पर पहुंची। ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल की ओर से सुबह 11 बजे किडनी पहुंचाने के लिए पुलिस से सहयोग मांगा गया। रूट पर चेक किया गया कि कहीं कोई वाहन ब्रेक डाउन तो नहीं है। एक स्थान पर बस खराब होकर खड़ी थी। उसे तुरंत क्रेन से हटवाया गया।