निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की टीम के दो और सिपाही कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। इससे पहले टीम का एक सिपाही पॉजिटिव पाया गया था। अभी जिन दो सिपाहियों में कोरोना की पुष्टि हुई है उनमें एक कांस्टेबल और एक हेड कांस्टेबल है। इससे इस केस की जांच धीमी होने की संभावना है।
मालूम हो कि यह सभी अपराध शाखा के अन्य पुलिसकर्मियों व अफसरों के साथ पहले दिन मरकज स्थित बंगले वाली मस्जिद में गए थे। टीम के अन्य 12 सदस्यों को सेल्फ क्वारंटीन में रहने के आदेश दिए गए हैं।
अपराध शाखा के एक अधिकारी के मुताबिक, सबसे पहले टीम के करीब 15 सदस्यों का कोरोना टेस्ट कराया गया था। जांच टीम के एक सिपाही की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अब जब दोबारा सिपाहियों के टेस्ट कराए गए तो रिपोर्ट में अन्य दो सिपाही पॉजिटिव आए हैं। बताया जा रहा है कि जो अन्य लोग क्वारंटीन में हैं उनमें सीनियर पुलिस अधिकारी भी हैं।
दूसरी तरफ मौलाना साद की बात करें तो उनका दावा है कि उन्होंने एक निजी लैब में अपनी जांच करवाकर रिपोर्ट अपराध शाखा को भेज दी है। इसमें उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि पुलिस ने इसे मानने से इनकार कर दिया है और गुरुवार को उन्हें चौथा नोटिस जारी करते हुए सरकारी लैब में टेस्ट कराने को कहा है।
मौलाना साद के खिलाफ धार्मिक आयोजन कर कोरोना जैसी बीमारी को फैलाने का आरोप है। मौलाना साद समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बाद में एफआईआर में गैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ दी गई थी।