अहम है कि मामले में बुधवार आधी रात तक बैंक से लेकर प्राधिकरण व थाने में गहमागहमी चलती रही। नोएडा जोन के एडीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक इस प्रकरण में सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अब्दुल खादर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नोएडा पुलिस की चार टीम दिल्ली-एनसीआर से लेकर गुजरात, पुडुचेरी और तमिलनाडु तक में दबिश दे रही है। पुलिस और क्राइम ब्रांच के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
अब्दुल सिर्फ मोहरा, मास्टरमाइंड की तलाश शुरू
पुलिस जांच में पता चला है कि पूरे प्रकरण में अब्दुल सिर्फ मोहरा है। इसके पीछे मास्टरमाइंड कोई और है। सरगना ने जालसाजी के लिए अब्दुल को हायर किया था। पुलिस के मुताबिक सरगना बैंक या प्राधिकरण का अधिकारी भी हो सकता है। अब्दुल की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की जानकारी मिल सकेगी।
महिला अधिकारी की सजगता से बचे 9 करोड़
बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 3.90 करोड़ के ट्रांसफर करने के बाद नौ करोड़ रुपये भी ट्रांसफर कर दिए गए थे। इस बीच बैंक की एक महिला अधिकारी को शक हो गया। उन्होंने जब चेक किया तो जालसाजी की बात सामने आ गई। जिसका पता चलते ही महिला अधिकारी ने तुरंत ही उन्होंने रकम को होल्ड कर दिया। इससे रकम प्राधिकरण के खाते में रह गई।