पूछताछ में फैक्टरी मालिक ने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर के कबाड़ियों से पुराने मोबाइल खरीदकर उनके मदरबोर्ड निकालते थे और बॉडी पार्ट्स चीन से मंगाते थे। बाद में नए आईएमईआई नंबर वाले स्टीकर लगाकर फोन बेच दिए जाते थे।
मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित बिडनपुरा में अवैध मोबाइल फैक्टरी का खुलासा हुआ है। यहां पुरानों के मदरबोर्ड लगाकर नई बॉडी में मोबाइल तैयार किए जाते थे और विशेष सॉफ्टवेयर से उनके आईएमईआई नंबर बदले जाते थे। तैयार मोबाइल लोकल मार्केट में नए के तौर पर बेचे जाते थे। मौके से लैपटॉप, आईएमईआई बदलने वाला सॉफ्टवेयर, हजारों मोबाइल बॉडी पार्ट्स, मदरबोर्ड, मशीनें और औजार बरामद हुए। फैक्टरी पिछले दो वर्षों से चल रही थी।
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करोल बाग थाना पुलिस ने फैक्टरी मालिक अशोक कुमार (45), राम नारायण (36), धर्मेंद्र कुमार (35), दिपांशु (25) और दीपक (19) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 1826 मोबाइल फोन (स्मार्ट और कीपैड) बरामद किए गए हैं।
डीसीपी निधिन वल्सन के अनुसार, सूचना मिलने पर 20 नवंबर को गली नंबर-22, बिडनपुरा स्थित चौथी मंजिल पर छापा मारकर आरोपियों को पकड़ा गया। सभी लोग पुराने मदरबोर्ड की मदद से अवैध मोबाइल तैयार कर रहे थे।
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चीन से मंगाते थे पार्ट्स
पूछताछ में फैक्टरी मालिक ने बताया कि वह दिल्ली-एनसीआर के कबाड़ियों से पुराने मोबाइल खरीदकर उनके मदरबोर्ड निकालते थे और बॉडी पार्ट्स चीन से मंगाते थे। बाद में नए आईएमईआई नंबर वाले स्टीकर लगाकर फोन बेच दिए जाते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बाकी की तलाश जारी है।