विजयनगर के सिद्धार्थ विहार कालोनी के एक फ्लैट से शनिवार देर रात सैटरिंग ठेकेदार के ढाई साल के मासूम ऋषभ को एक महिला ने अगवा करने की कोशिश की।
महिला ने पैसों के लालच में उसे सोते हुए उठा लिया और भागने लगी। दो मिनट बाद ही कमरे में पहुंचे पिता ने शोर मचाया तो महिला बच्चे को बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर छोड़कर दूसरे टावर की बिल्डिंग में छुप गई।
पुलिस ने कालोनी में देर रात सर्च ऑपरेशन चलाकर चांदमारी झुग्गी बस्ती निवासी 45 वर्षीय मेहरुनिशा को गिरफ्तार कर लिया। वह बच्चे को बेचना चाहती थी।
मां-बाप दूसरे कमरे में खाना खा रहे थे
पुलिस के मुताबिक, आवास विकास कालोनी के ब्लॉक 39 की चौथी मंजिल पर फ्लैट नंबर 9/2135 में हरीश प्रकाश पत्नी सुमन और बेटे ऋषभ के साथ रहते हैं। हरीश की बेटी गुरबानी मोदीनगर नगला गांव में नानी के पास रहती है।
हरीश सैटरिंग ठेकेदार हैं। शनिवार रात साढे़ 12 बजे हरीश, सुमन और ऋषभ फ्लैट में थे। हरीश के बडे़ भाई देवेंद्र प्रकाश भी उनसे मिलने आए थे, वह छत पर सो रहे थे।
सुमन ने बताया कि ऋषभ बाहर वाले कमरे में बेड पर सोया था और वे दोनों दूसरे रूम में खाना खा रहे थे। कुछ देर बाद रूम से बाहर आए तो ऋषभ फ्लैट से गायब मिला। दंपति के होश उड़ गए।
बच्चे को दूसरी मंजिल पर छोड़ छिप गई महिला
हरीश बेटे की तलाश में शोर मचाते हुए बिल्डिंग से नीचे की ओर भागे तो एक महिला उसे गोद में लेकर जाती दिखी। शोर मचाने पर महिला ने बच्चे को छोड़ दिया, खुद 150 मीटर दूर ब्लॉक नंबर 40 की बिल्डिंग में जाकर छुप गई।
फ्लैट की बालकनी में खड़ी सुमन ने उसे दूसरे बिल्डिंग में जाते हुए देख लिया। कालोनी के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने महिला की तलाश में सर्च अभियान चलाया।
एसओ विजयनगर सुरेंद्र यादव ने बताया कि 20 मिनट बाद महिला को पकड़ लिया गया। पिता की तहरीर पर उसके खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
अपने नन्हे-मुन्नों को संभाल कर रखें। शहर में आजकल ऐसा गिरोह सक्रिय है, जोकि मासूम बच्चों का अपहरण कर उनकी खरीद-फरोख्त का काम करता है। हाल ही में हुई कई ऐसी वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है।
अपहरण से पहले की थी रेकी
कालोनी वालों ने बताया कि महिला को शनिवार रात कई फ्लैटों में ताक झांक करते देखा था। उधर, आरोपी महिला ने बताया कि हरीश प्रकाश के फ्लैट का दरवाजा खुला मिला, वहीं पास में बेड पर बच्चा सो रहा था। दबे पांव फ्लैट में घुसी और उसे लेकर भागने लगी कि तभी उसे पकड़ लिया गया।
पहले भी हुईं हैं वारदात
रेलवे कॉलोनी से लापता शौर्य आज तक नहीं मिला, जबकि शौर्य को साथ ले जाने वाला साधु रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी में भी कैद हुआ था। अक्तूबर 2014 में जिला अस्पताल से बच्चा महिला ने चुराया जिसे पुलिस ने मसूरी से बरामद किया था। विजयनगर से इसी वर्ष मार्च में 10 साल के मासूम को एक महिला छुट्टी होने पर स्कूल से ही ले गई थी, जिसका आज तक पता नहीं चला।
‘मासूम बच्चों को चुराने वाले और उनकी खरीद-फरोख्त करने वाला गिरोह सक्रिय है। ऑपरेशन इस्माइल के दौरान पुलिस ने हाल ही में लोनी की एक बच्ची और मुरादनगर के एक बच्चे को बरामद किया था। इसके अलावा झारखंड और बिहार की कई लड़कियों को पुलिस ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह के चंगुल से छुडाया था। पुलिस ने बच्चों को अपहरणकर्ताओं से बचाने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।’ - कुमार रणविजय सिंह, सीओ सेकेंड