स्पेशल सेल ने गांव के शख्स की हत्या करने वाले दो आरोपियों को आठ साल बाद गिरफ्तार किया है। दोनों ने तीसरे साथी के साथ मिलकर बंधु राय पुत्र गंगा राय की हत्या कर दी थी। बंधु ने तीनों आरोपियों को नौकरी के लिए दिल्ली बुलाया और घर में पनाह दी थी। अदालत ने आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त मनोज सी के अनुसार, मूलरूप से समस्तीपुर, बिहार निवासी बंधु का शव सोम बाजार गोमती गार्डन में 3 जुलाई 2016 को मिला था। बंधु ठेकेदार था। रणहौला पुलिस को जांच में पता लगा कि आरोपी बबलू नट, कबीर नट उर्फ शकील और मोहम्मद असलम ने पीडि़त से सहायता मांगी थी। उसने तीनों को दिल्ली बुलाया और घर पर रहने की व्यवस्था कर दी थी। बंधु की मौत के बाद तीनों गायब थे। अदालत ने तीनों को 31 अगस्त, 2018 को भगोड़ा घोषित कर दिया था। स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर संदीप डबास की टीम आरोपियों की तलाश कर रही थी।
जांच के दौरान इंस्पेक्टर सको 22 मार्च को सूचना मिली कि हत्या में शामिल दो आरोपी नजफगढ़ अनाज मंडी के पास आएंगे। एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप की टीम ने घेराबंदी कर कबीर और बबलू को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बंधु के साथ 2-3 जुलाई 2016 की रात शराब पी थी। नशे में झगड़ा होने पर तीन ने बंधु को मारकर पैसे लूटने की साजिश रची।
कबीर व बबलू ने बंधु के हाथ-पैर पकड़ लिए, जबकि असलम ने उसका गला दबा दिया। आरोपी हत्या करने के बाद पैसे लूटकर ले गए। आरोपी आठ साल से विभिन्न राज्यों में छिपकर गिरफ्तारी से बच रहे थे।