फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: एटीएफ चुराकर देश को हर माह लगा रहे थे 1.62 करोड़ की चपत, एविएशन टर्बाइन ईंधन तस्करी में छह धरे

Tue, 24 Jun 2025 05:28 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि दिल्ली के मुंडका गांव में स्थित एक गुप्त गोदाम पर छापा मारा गया। इस दौरान तीन तेल टैंकर, जिनमें से प्रत्येक में 24,000 लीटर एटीएफ भरा हुआ था को पाइप के माध्यम से बैरल में डाला जा रहा था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुलिस की अपराध शाखा ने एविएशन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) तस्करी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में एक गुप्त गोदाम से 72,000 लीटर एटीएफ बरामद किया। इससे देश को हर महीने करीब 1.62 करोड़ का नुकसान हो रहा था।

विज्ञापन


गिरफ्तार आरोपियों में गोदाम मालिक गया प्रसाद यादव (43), जो गिरोह का मास्टरमाइंड है। राजकुमार चौधरी (53), ट्रक मालिक अशपाल सिंह भुल्लर (53), ट्रक चालक राम भरोसे यादव (44), ट्रक चालक अजय रॉय (41), ट्रक चालक सुबोध कुमार यादव (32) शामिल है। चालक के सहायक परवीन कुमार यादव (25) और परवीन कुमार (19) को हिरासत में लिया गया है।

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि दिल्ली के मुंडका गांव में स्थित एक गुप्त गोदाम पर छापा मारा गया। इस दौरान तीन तेल टैंकर, जिनमें से प्रत्येक में 24,000 लीटर एटीएफ भरा हुआ था को पाइप के माध्यम से बैरल में डाला जा रहा था। चोरी के ईंधन को आगे ले जाने के लिए दो पिकअप ट्रक भी जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त छह जाली डिप रॉड, डुप्लीकेट मास्टर चाबियां, चोरी के एटीएफ से भरे बैरल और 1.05 लाख नकद साइट से बरामद किए गए।
विज्ञापन


ऐसे करते थे तेल चोरी
एटीएफ को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर डिलीवरी के लिए बहादुरगढ़ के एचपीसीएल असौदा डिपो में रखा गया था। आरोपी ड्राइवरों ने ट्रांसपोर्टर और गोदाम संचालक के साथ मिलीभगत कर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम में हेराफेरी की और टैंकरों को मुंडका स्थित एक गोदाम में ले गए। इन पर लगे ताले डुप्लीकेट चाबी से खोले गए। जाली डिप रॉड का इस्तेमाल किया गया था। फिर चुराए गए एटीएफ को मिनरल टर्पेन्टाइन ऑयल (एमटीओ) की आड़ में खुले बाजार में बेचा जाता था। इसका आमतौर पर स्याही और पेंट उद्योग में उपयोग किया जाता है। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अवैध कारोबार पिछले तीन वर्षों से चल रहा था। इसमें हर दिन लगभग 5,000 लीटर एटीएफ चोरी हो रहा था, जिसके परिणामस्वरूप हर महीने लगभग 1.5 लाख लीटर की चोरी हो रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें