पुलिस अधिकारियों के अनुसार जीटीबी एंक्लेव, दिल्ली निवासी अमित वर्मा (38) अपने साथी नितिन अरोड़ा, संदीप खेरा, इशिमा अरोड़ा व विनोद अरोड़ा के साथ ऐसे मकान व प्लॉट के फर्जी कागजात तैयार करता था जो बैंक में गिरवी रखा होता था।
इन फर्जी कागजातों से सेक्टर-27, नोएडा में स्थित बैंक ऑप महाराष्ट्र व अन्य बैंकों से लोन ले लेते थे। आरोपी जब लोन की किश्त नहीं भरते थे तो बैंक के लोग साइट पर जाते थे। तब उन्हें पता चलता था कि कागजात फर्जी है। आरोपी इस तरह से करीब 50 करोड़ रुपये का बैंकों से लोन ले चुके हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरोह के सरगना नितिन अरोड़ा को दिल्ली व यूपी में हत्या के प्रयास के दो मामलों वर्ष 2015 में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी अमित वर्मा वर्ष 2012 से ठगी कर रहा है।