उत्तर-पश्चिम जिला के एंटी नारकोटिक्स स्क्वायड ने जहांगीरपुरी इलाके में नशे की गोलियों और इंजेक्शन का धंधा करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन सगी बहनों जहांगीरपुरी निवासी पारो (28), ऊषा (25), कांता (35) और भाई अमित (30) को गिरफ्तार किया है।
इनके पास से पुलिस ने 10 लाख कीमत की नशे की गोलियां व इंजेक्शन के अलावा 22 लाख से अधिक नकद, 42 लाख के जेवरात और करोड़ों रुपये कीमत के 11 फ्लैट के कागजात बरामद किए हैं। पुलिस को मुख्य आरोपी सचिन उर्फ चाणक्य की तलाश है। उत्तरी रेंज के संयुक्त आयुक्त विजय सिंह ने बताया कि जहांगीरपुरी इलाके में प्रतिबंधित नशीली दवाओं और इंजेक्शन की बिक्री के इनपुट पर टीम डी-ब्लॉक में छापा मारा और पारो और उसकी बहन ऊषा को गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि वह अपनी बहन कांता और भाई अमित के साथ नशे का धंधा करती हैं।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर दोनों भाई-बहन को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों से पूछताछ में इनके सभी 11 फ्लैट पर छापा मारा जहां से नशे का सामान भी बरामद हुआ। पता चला कि इन्हीं में से एक फ्लैट में पारो का करीबी सचिन रह रहा था और वही मुख्य आरोपी है।
नशे का धंधा करने के आरोप में एक गिरफ्तार
मध्य जिला पुलिस ने नशे की दवाएं और इंजेक्शन सप्लाई करने वाले सोनू सोढ़ी (35) को दबोचा है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में नशे की दवाइयां और इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। आरोपी पहले भी दो बार इसी तरह के मामलों में शामिल रह चुका है। पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 23 जून को सूचना मिलने के बाद आरोपी को नबी करीम इलाके से दबोचा गया। आरोपी नशे की गोलियां व इंजेक्शन बेचने के लिए आया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इसके बाकी साथियों की तलाश कर रही है।