शारदा विश्वविद्यालय के छात्र एहतेशाम बिलाल के आतंकी संगठन से जुड़ने के दावे को पुलिस-प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। वायरल ऑडियो में शारदा विश्वविद्यालय में हुए बवाल का जिक्र होने के कारण ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन योजना बना रहा है। इसी कड़ी में दिवाली के अवकाश के बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसर शारदा विश्वविद्यालय में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। आवश्यकता पड़ी तो छात्रों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
शारदा विश्वविद्यालय में अफगानी और भारतीय छात्रों में हुआ मामूली विवाद शुरुआती ढिलाई के चलते बड़े बवाल का कारण बन गया था। विवाद एक व्हाट्स एप ग्रुप पर कमेंट आदि को लेकर हुआ था। सूत्रों का कहना था कि एक युवती को लेकर अफगानी व भारतीय छात्रों में कमेंटबाजी हुई थी। इसी विवाद में एक अफगानी छात्र ने भारतीय छात्र को लात मार दी थी। इसके बाद भारतीय छात्रों ने मामले में कार्रवाई की मांग की, लेकिन विवि प्रशासन ने मामूली विवाद मानकर मामले को दबाने का प्रयास किया। इससे यह मामला और बढ़ गया।
भारतीय छात्र कार्रवाई न होने पर आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे। इसी बीच एहतेशाम बिलाल को अफगानी समझकर कुछ लोगों ने पीटा था। इस मामले में भी प्रबंधन ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई तो पुलिस ने चार सौ अज्ञात छात्रों व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया। इसकी जांच अब तक पूरी नहीं हुई है। अब बिलाल के आतंकी संगठन से जुड़ने की खबरों के बाद पुलिस-प्रशासन आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की योजना बना रहा है।
दिवाली के अवकाश के बाद मैं स्वयं किसी प्रशासनिक अधिकारी के साथ विश्वविद्यालय जाकर छात्रों से संवाद करूंगा, ताकि छोटे-मोटे विवाद बड़ी घटना का कारण न बनें। आवश्यकता हुई तो छात्रों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
- विनीत जायसवाल, एसपी देहात
कश्मीरी युवा ने भी वायरल फोटो-ऑडियो पर उठाए सवाल
कश्मीर के एक युवा ने यू-ट्यूब पर वीडियो अपलोड कर कहा है कि आईएसजेके बगदादी का यहूदियों का संगठन है। इस संगठन से कश्मीरी युवक नफरत करते हैं। उसका कहना है कि इसलिए वायरल ऑडियो और फोटो पर विश्वास नहीं किया जा सकता। कश्मीरी युवक ने वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, एक हिंदू संगठन पर भी शारदा विवि में बिलाल से मारपीट के मामले में आरोप लगाया है।