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टिकरी बॉर्डर के पास की कॉलोनियों की गलियों में लगाए गए विशालकाय पत्थर

Sat, 02 Jan 2021 01:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • पुलिस सतर्क हुई, टीकरी बॉर्डर के आस-पास की गलियों में लगाई बैरीकेडिंग
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टिकरी बॉर्डर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दिल्ली-जयपुर हाइवे खेड़ा बॉर्डर पर वृहस्पतिवार को बैरीकेडिंग तोड़कर किसान दिल्ली की तरफ बढ़ गए, जिसका असर शुक्रवार को टिकरी बॉर्डर पर दिखाई दिया। टिकरी बॉर्डर पर किसानों का हुजूम लगातार बढ़ रहा है। किसानों की बढ़ती ताबात को देखकर पुलिस अधिक सतर्क दिखाई दे रही है। अब पुलिस ने टिकरी बॉर्डर के आस पास की गलियों में भी बैरीकेडिंग लगा दिया है। जहां से अब केवल पैदल ही आना-जाना मुनासिब है।

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पुलिस टिकरी बॉर्डर पर डटे किसानों को किसी भी सूरत में आगे बढ़ने से रोकने के लिये कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहती। यदि किसानों को रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा बंदोबस्त की बात हो तो टिकरी बॉर्डर पर पुलिस ने भारी इंतजाम किया हुआ है। शुरुआत में यहां पर पुलिस ने तीन लेयर की बैरीकेडिंग कर रखी थी। 

देखते ही देखते इन बैरीकेडिंग को लोहे की जंजीरों से बांधने का सिलसिला शुरू कर दिया गया था। बाद में लगभग 500 मीटर तक सड़क के दोनों तरफ विशालकाय पत्थरों को रख दिया गया था। दो दिन पहले सड़क के दोनों तरफ बड़े बड़े सोलह टायर वाले ट्राले भी लगा दिये गए थे। ताकी दिल्ली की तरफ ट्रैक्टरों के बढ़ने की सभी संभावनाओं पर विराम लग सके। 
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अब दिल्ली पुलिस ने आस पास की गलियों में भी पत्थरों को रखवा दिया है। ताकि इन रास्तों का भी प्रयोग दिल्ली में घुसने के लिये ना किया जा सके। इन गलियों का इस्तेमाल किसान आंदोलन में शामिल होने वाले तमाम लोग करते हैं। जहां से अब केवल पैदल गुजरना ही संभव है। इन गलियों से दो पहिया वाहनों को भी लेकर जाना संभव नहीं है।

किसानों का प्रदर्शन जारी, बॉर्डर की ओर जाने से बचे
किसानों का प्रदर्शन कब तक चलेगा यह कह पाना अभी मुश्किल है। ऐसे हालात में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सलाह है कि जाम से बचने के लिए लोग बॉर्डर की तरफ जाने से परहेज करें।

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