सरकारी अस्पताल से चोरी हुए बच्चे के पिता बब्लू दास ने ऊंचागांव क्राइम ब्रांच पुलिस के खिलाफ उसकी सास और उस पर थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगाते हुए जिला उपायुक्त चंद्रशेखर से शिकायत की है।
पीड़ित ने चोरी हुए बच्चे की तलाश के लिए अस्पताल स्टाफ से पूछताछ करने और दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मालूम हो कि पटेल नगर निवासी बबलूदास ने 27 जनवरी 2016 को गर्भवती पत्नी को स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। इसी दिन उसकी पत्नी राखी ने ऑपरेशन के जरिए दो पुत्रों को जन्म दिया था।
बबलू के मुताबिक 29 जनवरी की रात वह दोनों बच्चों को अस्पताल में देख कर लौटा था। 30 जनवरी की सुबह करीब नौ बजे अस्पताल पहुंचा तो एक बच्चा गायब था।
उन्होंने बच्चा गायब होने की बात अस्पताल स्टाफ को बताई। काफी ढूंढने पर भी बच्चा नहीं मिला। सूचना मिलने पर उसके परिजन और कॉलोनी के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
बब्लू का आरोप है कि पुलिस उसे और सास को रिपोर्ट लिखाने के बहाने अपने साथ ऊंचागांव क्राइम ब्रांच ले गई। यहां पुलिस ने दोनों पर खुद ही बच्चा चोरी करने की बात कुबूल करने का दबाव डालते हुए थर्ड डिग्री टार्चर दिया।
आरोप है कि जब सास के सामने पुलिस बब्लू को फांसी पर लटकाने की तैयारी कर रही थी तो उसे बचाने के लिए डरी हुई वृद्धा ने बच्चा चोरी करने की बात कुबूल कर ली।
उनका आरोप है कि पुलिस पिटाई के बाद सरकारी अस्पतालों ने इलाज और मेडिकल करने से इनकार कर दिया। मजबूरी में निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
जिला उपायुक्त से मिले बबलू के परिजनों ने मांग की है कि चोरी हुए बच्चे की तलाश करवाई जाए, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ से भी पूछताछ की जाए।