भ्रम व भय को मजबूत करने का काम किया
मुख्यमंत्री आतिशी को लिखे पत्र में एलजी ने कहा कि चुनाव के बीच केजरीवाल ने हरियाणा सरकार पर सामूहिक नरसंहार का आरोप लगाया। इस बयान से दो पड़ोसी राज्यों के बीच अति वैमनस्यता उत्पन्न हो सकती है। वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इस भ्रम व भय को और मजबूत करने का काम किया है। ऐसे बयान दो राज्यों के बीच कानूनी व्यवस्था को खराब कर सकते हैं। जबकि दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली सरकार के आरोपों का खंडन किया है।
आप के नेता लगा रहे झूठा आरोप
जल बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी की विस्तृत रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इन दिनों यमुना में अमोनिया के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है। आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को अमोनिया का स्तर 7.5-10 एमजी/आई था, जो 27 जनवरी को घटकर, 6.8-7.2 एमजी/आई हो गया। ऐसे में जब स्तर ज्यादा था तो पार्टी के नेताओं ने कुछ नहीं कहा, जबकि अब स्तर घटा है तो आप के नेता झूठा आरोप लगा रहे हैं। आप सरकार ने दस साल में कुछ नहीं किया। दिल्ली से गुजरने वाली यमुना से दक्षिण हरियाणा व यूपी को विषाक्त पानी मिलता है, जबकि उत्तरी हरियाणा से वजीराबाद बैराज तक आने वाला पानी काफी स्वच्छ रहता है।
पानी के लिए पड़ोसी राज्यों पर निर्भर
एलजी ने लिखा कि जल आपूर्ति के लिए दिल्ली पड़ोसी राज्य पर निर्भर है। यमुना के अलावा हरियाणा से मुनक नहर और यूपी अपर गंगा कैनाल से जल की आपूर्ति कर रहा है, जबकि दिल्ली अनुपचारित औद्योगिक एवं घरेलू सीवर यमुना में सीधे डालकर यमुना को गंदा कर रही है। एलजी ने आतिशी से कहा कि आप पढ़ी लिखी हैं। ऐसे बयानों से बेहतर होगा कि जनकल्याण एवं शांति व्यवस्था के लिए काम करें। साथ ही, अपने नेता को भी बेहतर सलाह दें।