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है वक्ते इंकलाब कोरोना से जंग है ...मुंह पर रखो नकाब कोरोना से जंग है

Thu, 16 Apr 2020 10:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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सुहैब अहमद - फोटो : अमर उजाला
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‘है वक्ते इंकलाब कोरोना से जंग है, मुंह पर रखो नकाब कोरोना से जंग है।’ कविता के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ाया है। यह कविता साउथ एवेन्यू थाना प्रभारी सुहैब अहमद फारुकी ने लिखी है। उनकी इस कविता को दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो के साथ शेयर किया है। इसे अब तक हजारों लोग पसंद कर चुके हैं।

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दिल्ली ही नहीं देशभर में पुलिसकर्मी कोरोना से बचाव की जंग में मोर्चे पर दिन-रात आगे तो हैं ही, मुसीबत में फंसे लोगों की मदद भी खूब कर रहे हैं। इधर, एसएचओ सुहैब अहमद फारुकी को कविताएं लिखने का शौक काफी पहले से है। वे कई मुशायरों में भाग भी ले चुके हैं। 

मौजूदा हालात से प्रेरित सुहैब अहमद ने इस बार कोरोना से जंग के लिए कविता लिखी है। इससे लॉकडाउन का पालन करने की सीख तो मिलती ही है, कोरोना से बचाव के उपाय भी सुझाए गए हैं। उनकी कविता लोगों को कोरोना से बचने के लिए जागरूक करती है। इसकी जमकर तारीफ हो रही है।
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कविता कुछ इस तरह से है...

है वक़्ते इंकलाब कोरोना से जंग है,
मुंह पर रखो नक़ाब कोरोना से जंग है।
देंगे उसे जवाब कोरोना से जंग है,
लेना है अब हिसाब कोरोना से जंग है।
घर  बैठिए जनाब कोरोना  से जंग है,
मुफ़लिस हो या नवाब कोरोना से जंग है।
मुंह पर रखो नक़ाब कोरोना से जंग है।

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