उच्च न्यायालय ने कहा कि लड़की, जो एक महत्वपूर्ण गवाह है, उसने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया है, और उसके बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उस आदमी के साथ रोमांटिक रिश्ते में थी।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि पॉक्सो का उद्देश्य नाबालिगों को यौन शोषण से बचाना है, न कि सहमति से बनाए गए रोमांटिक रिश्तों को अपराध बनाना है। हाईकोर्ट ने एक 25 वर्षीय व्यक्ति पर एक नाबालिग लड़की का कथित तौर पर अपहरण और यौन उत्पीड़न के आरोपी को जमानत देते हुए ये बात कही।
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उच्च न्यायालय ने कहा कि लड़की, जो एक महत्वपूर्ण गवाह है, उसने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया है, और उसके बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उस आदमी के साथ रोमांटिक रिश्ते में थी। इसमें कोई संदेह नहीं है कि पीड़िता नाबालिग है और एमएलसी (मेडिकल रिपोर्ट) यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं करती है।
लड़की की मां ने 2022 में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी को पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति ले गया है और वह वापस नहीं लौटी है। पिछले 11 महीने से हिरासत में बंद व्यक्ति ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि लड़की ने अपनी गवाही में अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि दोनों सहमति से रोमांटिक रिश्ते में थे। उनके वकील ने कहा कि पीड़िता की गवाही से यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि उसके माता-पिता घर पर उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे थे और इसलिए उसने उसे अपने साथ ले जाने के लिए मना लिया।