बदरपुर बॉर्डर से आगरा तक नेशनल हाईवे सिक्सलेन प्रोजेक्ट में लगातार हो रही देरी पर पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) सख्त नजर आ रहा है।
360 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का अब तक 54 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है, जबकि जून 2017 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। धीमी रफ्तार से चल रहे इस प्रोजेक्ट की समीक्षा अब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
समीक्षा बैठक 27 जनवरी को बुलाई गई है। इसे ध्यान में रख जिला प्रशासन से लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी हरकत में आ गए हैं।
हाईवे के किनारे जगह-जगह घनी आबादी के चलते प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ है। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कई बार एनएचएआई को अवगत भी कराया है, ताकि प्रोजेक्ट अपनी डेडलाइन से मिस न हो लेकिन समस्याएं जस की तस बरकरार हैं।
3 हजार करोड़ के इस बड़े प्रोजेक्ट पर अब सीधे पीएमओ ने संज्ञान लिया है। समीक्षा बैठक से पहले एनएचएआई और फरीदाबाद व पलवल के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हाल ही में हुई बैठक के दौरान प्रोजेक्ट में देरी के कारणों पर मंथन किया गया है।
हरियाणा में 25 किलोमीटर की बाधा
सिक्सलेन प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से आगरा तक 360 किलोमीटर सड़क सिक्सलेन करने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें 54 प्रतिशत काम हो चुका है।
अगर बात करें हरियाणा की तो यहां प्रोजेक्ट का करीब 147 किलोमीटर लंबा हिस्सा है, जिसमें महज 25 किलोमीटर हिस्से में ही बाधा है।
इन गांवों की जमीन में फंसा पेंच
पृथला, भगोला, कैली, सराय खटेला, हसनपुर चौक, झाड़सेतली, सीकरी, कुसलीपुर, बामनीखेड़ा, नितरोला में ज्यादा अबादी होने के कारण प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ है। सर्दियों के बाद ही यहां प्रोजेक्ट का काम शुरू होने की बात कही जा रही है।
मुआवजा राशि बनी अड़चन
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक, कई गांवों में अभी मुआवजा राशि नहीं बंट पाई है। इस वजह से आबादी को हटाने का काम नहीं हो पा रहा है।
इस संबंध में हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव से बात की गई है। जहां मुआवजा नहीं बंटा है, वहां जल्द राशि बंटवाने का आग्रह किया गया, ताकि प्रोजेक्ट समय से पूरा हो सके।
प्रोजेक्ट एक नजर में
-कुल लंबाई (आना-जाना) 359 किलोमीटर
-प्रोजेक्ट की कुल लागत 2945 करोड़
-अभी तक काम पूरा हुआ 54 प्रतिशत
-काम खत्म करने की अवधि जून 2017