13 जिलों में पीएम-उदय सेल और मुख्यालय में शाखा बनेगी, जीआईएस से संपत्तियों का होगा आधुनिक सर्वे और मैपिंग
केंद्र देगा 52 करोड़ रुपये, दिल्ली सरकार लगाएगी 13 करोड़, संपत्ति अधिकार के मामलों में तेजी लाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति का अधिकार देने वाली पीएम-उदय योजना के काम में अब तेजी आने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने 65 करोड़ रुपये की दृष्टि परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत आधुनिक जियोस्पेशियल और जीआईएस तकनीक की मदद से संपत्तियों का सर्वे और मैपिंग की जाएगी। साथ ही दिल्ली के सभी 13 जिलों में पीएम-उदय सेल और मुख्यालय में एक अलग शाखा स्थापित की जाएगी।
परियोजना की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को दी गई है। इसका उद्देश्य सर्वे, मैपिंग और दस्तावेजी प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना है। जिला स्तर पर सेल बनने से अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सर्वे और संपत्ति संबंधी मामलों की निगरानी स्थानीय स्तर पर की जा सकेगी। तकनीक आधारित व्यवस्था से अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्तियों की स्थिति, नक्शे और संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
केंद्र देगा 52 करोड़, दिल्ली लगाएगी 13 करोड़
65 करोड़ रुपये की परियोजना में 52 करोड़ रुपये यानी 80 प्रतिशत राशि आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास निधि से अनुदान के रूप में मिलेगी। शेष 13 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग देगा। केंद्र की राशि चार किस्तों में जारी होगी। हालांकि, जीईएम के माध्यम से खरीद होने पर तय शर्तों के अनुसार पूरी राशि एक किस्त में जारी की जा सकती है।
डीडीए, राजस्व विभाग और निगम की भूमिका
पीएम-उदय के तहत डीडीए, राजस्व विभाग और दिल्ली नगर निगम की भूमिका है। सर्वे और मैपिंग व्यवस्था मजबूत होने से इन एजेंसियों के बीच दस्तावेजी प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
पीएम-उदय केवल संपत्ति के दस्तावेज देने की योजना नहीं है, बल्कि अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को उनके घर और संपत्ति से जुड़े अधिकारों की कानूनी सुरक्षा देने का माध्यम है।-रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री