फरीदाबाद की पहचान कही जाने वाली बड़खल झील को फिर से गुलजार करने के लिए योजना पर काम तेज हो गया है। इस प्रोजेक्ट की तीसरी स्टडी रिपोर्ट भी तैयार हो गई है, जिसे सरकार को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
बड़खल को एनसीआर का हॉट पर्यटन स्थल बनाने के लिए न केवल हरियाणा सरकार, बल्कि केंद्र सरकार भी सकारात्मक है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
राज्य की मुख्य संसदीय सचिव (पर्यटन) सीमा त्रिखा की तरफ से बड़खल झील के संबंध में पीएमओ को दो पत्र लिखे गए थे। इसमें से एक का जवाब तो खुद पीएम की तरफ से आया है। अगर प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजती है, तो इसका आधा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी, ऐसा भरोसा पीएम की तरफ से दिलाया गया है।
बड़खल झील की तीसरी एवं अंतिम स्टडी रिपोर्ट का इंतजार सरकार को है। यह रिपोर्ट केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली वेपकोस एजेंसी ने तैयार की है। 15 अक्तूबर तक सरकार ने रिपोर्ट मांगी थी।
बता दें कि इससे पहले सिंचाई विभाग और नगर निगम ने भी सर्वे कराकर अपनी-अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी हैं। झील को कैसे भरा जाए और इस पर कितना खर्च आने का अनुमान है, इन सब पहलुओं का उल्लेख इस रिपोर्ट में है। नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में झील को भरने के लिए 44 करोड़ और सिंचाई विभाग के अनुसार 46 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। हालांकि, अभी वेपकोस की रिपोर्ट का खुलासा नहीं हुआ है।
नाव की सवारी के लिए अभी इंतजार
बताया जाता है कि सिंचाई विभाग व नगर निगम की तरफ से हुए सर्वे में उन पुराने स्त्रोतों की तलाश कर ली गई है, जिनके जरिये झील में पानी आता था। सर्वे के मुताबिक, 60 प्रतिशत पुराने स्त्रोतों से आसानी से झील में पानी लाया जा सकता है। झील में 25 जगहों से पानी आकर इकठ्ठा होता था। उसमें से 16 जगहों से पानी अब भी आ सकता है। पहले जहां झील हुआ करती थी, वहां अब जलस्तर काफी नीचे जा चुका है। ऐसे में इसे फिर से पुरानी स्थिति में लाना इतनी जल्दी संभव नहीं हो सकेगा। पहले जमीनी जलस्तर में सुधार किया जाएगा। इसके बाद झील में पांच फीट तक पानी स्टोर करने में करीब तीन साल का समय लगेगा। इसके बाद ही पर्यटक यहां नाव की सवारी कर सकेंगे।
झील से ही शुरू की गई पैमाइश
स्मार्ट सिटी की दौड़ के लिए जो प्रपोजल तैयार किया गया था, उसमें फरीदाबाद की दावेदारी मजबूत करने के लिए बड़खल झील को भी शामिल किया गया। हालांकि, टॉप 20 शहरों में फरीदाबाद शामिल नहीं हो सका, लेकिन बाद में चुने जाने वाले फास्ट ट्रैक श्रेणी के 23 शहरों में फरीदाबाद ने जगह बना ली। स्मार्ट सिटी के प्रपोजल के तहत पहले चरण में विकास कार्य के लिए शहर का जो हिस्सा चयनित किया गया, उसकी पैमाइश बड़खल झील से ही शुरू की गई है।
प्रोजेक्ट पर होगी चर्चा
बड़खल झील प्रोजेक्ट पर सरकार भी गंभीरता से काम कर रही है। अब तो खुद पीएम ने भी इसमें सहयोग का भरोसा दिया है। सोमवार को पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव के साथ फरीदाबाद में ही बड़खल झील प्रोजेक्ट पर चर्चा की जाएगी।-सीमा त्रिखा, मुख्य संसदीय सचिव (पर्यटन)