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IIT दिल्ली का दीक्षांत समारोह: पीएम मोदी ने जेन जी को दी डिग्रियां, AI सुपरकंप्यूटर 'परम प्रज्ञा' का उद्घाटन

Sat, 08 Aug 2026 12:20 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आईआईटी दिल्ली ने अपना 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को भव्यता के साथ आयोजित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने संस्थान के 3036 मेधावी छात्रों को डिग्री प्रदान की।
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IIT दिल्ली का दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने जेन जी से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी सहित 3036 छात्रों को डिग्री प्रदान की।

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धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीक्षांत समारोह में छात्रों से बदलती दुनिया के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में तकनीक, उद्योग और प्रोफेशन तेजी से बदलेंगे। ऐसे में सफलता उसी को मिलेगी, जो लगातार सीखता रहेगा। जो सीखेगा, वही जीतेगा। नई चुनौतियों का समाधान खोजने का साहस रखने वालों के लिए चुनौती ही अवसर बन जाएगी।

संबोधन में प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्टार्टअप, रिसर्च, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, स्पेस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित एआई-संचालित हाई परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा परम प्रज्ञा का उद्घाटन भी किया।
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प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मेधावी छात्रों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और अन्य प्रतिष्ठित पदक भी दिए। उन्होंने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित एआई संचालित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा परम प्रज्ञा का उद्घाटन भी किया।

आपके बीच आना सुखद अनुभव है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, 'आज देश के आप सभी प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। आप इस समय जीवन के एक यादगार पल को जी रहे हैं। उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से सराबोर इस क्षण का हिस्सा बनना, आईआईटी दिल्ली के इस कैंपस में आना, आपके साथ ये अनुभव साझा करना, मेरे लिए भी बहुत खास है।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज आईआईटी दिल्ली में एआई से जुड़े कुछ नई पहल भी शुरू हुई है। मैं इसके लिए भी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज आप सभी और सारे छात्र इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा। हर छात्र के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर होगी। कई छात्र अपनी पहली सेलरी का इंतजार कर रहे होंगे। कोई नए शहर में नई शुरूआत की तैयारी में होगा। कई साथी अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे। हर किसी का रास्ता अलग है। हर किसी का सपना अलग है लेकिन इन सबके बाद भी एक एहसास ऐसा है जो आप सभी के मन में एक सा होगा।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कैंपस का जीवन और कैंपस के बाहर का जीवन, इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर होता है। आईआईटी की परीक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है। जिंदगी कुछ अलग तरह से चलती है। वहां न कोई तय कोर्स होता है न कोई प्रश्न पत्र होता है। कई बार तो ये भी कोई नहीं बताता कि असली सवाल क्या था। वो सवाल भी आपको खुद पहचानना पड़ता है।' 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हर पीढ़ी का अपना एक राष्ट्रीय दायित्व भी होता है। हमारे देश ने गुलामी का वो समय भी देखा है जब उस पीढ़ी के सामने केवल एक ही लक्ष्य था, भारत की आजादी। उसके लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, इसके पीछे उस पीढ़ी का तप, त्याग और बलिदान है। आज के इस दौर में हमारे सामने चुनौतियां भी अलग हैं, इसलिए हमारे दायित्व भी अलग हैं। अपने जीवन के अगले 30-35 साल में आप जो कुछ भी करेंगे वो विकसित भारत की हमारी यात्रा को प्रभावित करेगा। इसलिए आपके हर निर्णय का आधार ये भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा पहुंचेगा, इससे देश की कौन सी जरूरत पूरी होगी।'

चिप से लेकर शिप तक भारत में बनेगा
मोदी ने कहा कि भारत आर्थिक, तकनीकी और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर निर्माण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भारत की क्षमता पर सवाल उठाए जाते थे, वहां अब उत्पादन शुरू हो चुका है। चिप से लेकर शिप तक सब कुछ भारत में बनेगा। उन्होंने ड्रोन, स्टार्टअप, फिनटेक और यूनिकॉर्न के बढ़ते क्षेत्र का भी उल्लेख किया। एआई, क्रिटिकल मिनरल्स, डेटा साइंस, बैटरी एनर्जी, सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं से नेतृत्व की अपेक्षा जताई।

आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने कहा कि इस वर्ष 3036 छात्रों को डिग्री मिली। इनमें 587 पीएचडी, 567 एमटेक और 1049 बीटेक के छात्र शामिल हैं। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य किया है। पिछले एक वर्ष में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए और 26 नए स्टार्टअप स्थापित हुए। आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रगति की है, जिसमें 30 देशों के साथ 88 सक्रिय समझौते शामिल हैं।

प्रशासनिक और छात्र कल्याण पहल
आईआईटी दिल्ली ने छात्र कल्याण के लिए कई नई पहल की हैं। प्लेसमेंट में चयनित पूर्व छात्रों को अंतिम वर्ष के छात्रों का मेंटर बनाया गया है। कॉल फॉर अ फ्रेंड कार्यक्रम छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान कर रहा है। संस्थान के उप निदेशक अरविंद नेमा ने बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर से सभी प्रशासनिक कार्य पेपरलेस हो गए हैं।
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परिसर विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था
आईआईटी दिल्ली के सोनीपत और अबू धाबी परिसर में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। झज्जर स्थित परिसर के लिए मिली जमीन को मिट्टी की गुणवत्ता के कारण वापस लौटाया जा रहा है। आरकेपुरम में संकाय सदस्यों और छात्रों के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। दीक्षांत समारोह के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल पर मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
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