मेरे पिता ने मुझे जिस सफाई संबंधी कार्य करने पर घर से निकाल दिया था। आज उसी कार्य के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में मेरी तारीफ की। मैंने जब उनको टेलीफोन करके बताया तो वे भावुक हो गए और उन्होंने शाबाशी दी। यह बातें ‘हीलिंग हिमालय’ अभियान चला रहे प्रदीप सांगवान ने अमर उजाला के साथ साझा की।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में हिमाचल के अलग-अलग इलाकों में साफ-सफाई के लिए ‘हीलिंग हिमालय’ नाम से अभियान चला रहे जिले के प्रदीप सांगवान की चर्चा की। पीएम ने कहा कि हमें ही यह संकल्प लेना चाहिए कि हम कचरा फैलाएं ही नहीं।
नए साल के संकल्पों में से एक ये संकल्प भी होना चाहिए। सेक्टर-61 स्थित पाइनियर पार्क में रह रहे 35 वर्षीय प्रदीप मूल रूप से चरखी दादरी जिले के झोझू कलां के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में यह अभियान शुरू किया था और इसमें काफी युवाओं को जोड़ा है।
वे अपनी टीम के साथ हिमालय के अलग-अलग इलाकों में जाते हैं और वहां जो प्लास्टिक कचरा पर्यटक छोड़कर आते हैं, उसे एकत्रित करके लाते हैं। वह अभी तक कई टन प्लास्टिक कचरा साफ कर चुके हैं।
आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे पिता
अजमेर स्थित मिलिट्री स्कूल में पढ़े प्रदीप बताते हैं कि उनके पिता सूरजभान सांगवान आर्मी में थे। उनके पिता उन्हें आर्मी में अधिकारी बनाना चाहते थे। इसी कारण उन्हें इस स्कूल में पढ़ाया, लेकिन वह आर्मी में अधिकारी नहीं बन पाए। इस कारण उनके पिता मायूस थे।
उन्होंने जब वर्ष 2016 में हीलिंग हिमाचल अभियान शुरू किया तो उनके पिता काफी नाराज हुए और उन्होंने उनको घर से निकाल दिया। वह करीब दो साल तक घरवालों से दूर रहे। इसके बाद वह गुरुग्राम में रहने लग गए।
इसी बीच उन्होंने वर्ष 2018 में अपने गांव एवं आसपास के गांवों के स्कूल में कार्य करने का निर्णय लिया। इस दौरान परिजनों से बातचीत आरंभ हुई और उनका घर भी आना-जाना शुरू हो गया और अब उनके घर वाले खुश हैं।