राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अगले तीन दिनों के दौरान लोगों को घरों से कम से कम बाहर निकलने की सलाह दी है। खुली हवा में सैर से बचने सहित इस दौरान निजी वाहनों के न्यूनतम इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार बढ़ोतरी और प्रदूषण स्तर के बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद बोर्ड की टास्क फोर्स ने पीएम 2.5 के बेहद खतरनाक (आपातकालीन) श्रेणी पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसे हालात में कैंसर जैसी बीमारी सहित हार्ट अटैक की भी आशंका बढ़ जाती है।
शनिवार को हुई बैठक में ईपीसीए ने वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण और बायोमास जलाने पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पानी का छिड़काव और मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीन का इस्तेमाल करने सहित ट्रैफिक पुलिस को भी ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि साल के आखिरी दिनों में ट्रैफिक में होने वाली बढ़ोतरी से आसानी से निपटा जा सके।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों के दौरान हवा की धीमी चाल और तापमान में गिरावट के कारण प्रदूषक तत्व भी आसपास रहेंगे, जिससे अगले दो तीन दिनों के दौरान प्रदूषण स्तर में सुधार की उम्मीद कम है।