फरीदाबाद। प्रतिभावान खिलाड़ियों को अकसर नौकरी न मिलने की शिकायत रहती है लेकिन अब उनकी यह शिकायत दूर हो जाएगी क्योंकि खेल विभाग ने प्रतिभावान खिलाड़ियों को नौकरी दिलाने की कवायद शुरू कर दी है।
प्रदेश के डेढ़ सौ स्कूलों में कोचिंग देने का काम इन खिलाड़ियों को सौंपा जाएगा। गौरतलब हो कि प्रदेशभर में ऐसे तमाम खिलाड़ी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।
कई खिलाड़ी अर्जुन अवार्ड भीम अवार्ड, बेस्ट एथलीट का सम्मान पा चुके हैं लेकिन फिर भी इनके पास रोजगार नहीं है।
अपने ही शहर में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनीता मावी और भीम अवॉर्डी निशक्त लक्ष्मी हैं, जिन्हें खेल विभाग अभी तक नौकरी उपलब्ध नहीं करा पाया है।
इन खिलाड़ियों को इस योजना से लाभ मिल सकता है। हर जिले में खिलाड़ियों का डेटा तैयार किया जा रहा है। साथ ही जिला खेल अधिकारियों को निर्देश मिले हैं कि वह निजी स्कूलों का डेटा तैयार करें कि किस स्कूल में कौन-कौन से खेल की कोचिंग दी जा रही है व उनके पास किस खेल का कोच उपलब्ध नहीं है।
सूची तैयार होने पर खेल विभाग प्रतिभावान खिलाड़ियों को स्कूलों में बतौर कोच के पद पर नियुक्त कराएगा। बाकायदा, स्कूलों से मानदेय दिलाने के अलावा खेल विभाग भी आउटसोर्सिंग से भी वेतन उपलब्ध कराएगा।
खेल विभाग के अधिकारी रमेश जांगड़ा ने बताया कि शहर में 150 से अधिक निजी स्कूल हैं, जिनमें प्रशिक्षकों की कमी है। विभाग की इस योजना से खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा।